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	<title>उत्तराखंड &#8211; UP Digital Diary</title>
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	<lastBuildDate>Tue, 05 May 2026 08:27:16 +0000</lastBuildDate>
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	<title>उत्तराखंड &#8211; UP Digital Diary</title>
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	<item>
		<title>नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के ट्रैकिंग रूटों पर ऑनलाइन होगा पंजीकरण</title>
		<link>https://updigitaldiary.in/news-article/100484</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UPDD Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 May 2026 08:27:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के ट्रैकिंग रूटों पर ऑनलाइन पंजीकरण होगा। विभाग पोर्टल तैयार कर रहाहै। इसके बाद 15 मई से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो जाएगा। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत ट्रैकिंग रूटों पर जाने के लिए अब ऑफलाइन पंजीकरण के लिए विभागीय कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब इन जगह जाने के &#8230;]]></description>
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<p>नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के ट्रैकिंग रूटों पर ऑनलाइन पंजीकरण होगा। विभाग पोर्टल तैयार कर रहाहै। इसके बाद 15 मई से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो जाएगा।</p>



<p>नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत ट्रैकिंग रूटों पर जाने के लिए अब ऑफलाइन पंजीकरण के लिए विभागीय कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब इन जगह जाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की जा रही है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन की ओर से पंजीकरण के लिए पोर्टल तैयार किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि 15 मई से पोर्टल पर पंजीकरण आरंभ हो जाएंगे।</p>



<p>नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत कई छोटे-बड़े ट्रैकिंग रूट हैं। इनमें से कुछ गर्मियों में ही संचालित होते हैं, जबकि कुछ सर्दियों में भी खुले रहते हैं। इन ट्रैकिंग रूटों पर जाने के लिए विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। अभी तक अनुमति के लिए विभागीय कार्यालय में आकर आवेदन देने की व्यवस्था चली आ रही है। लेकिन अब विभाग पर्यटकों व ट्रैकरों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था करने जा रहा है।</p>



<p>इसका लाभ पर्यटकों के साथ ही टूर ऑपरेटरों को भी मिलेगा। विभाग ने पिछले साल फूलों की घाटी में जाने वाले पर्यटकों के पंजीकरण की ऑनलाइन व्यवस्था आरंभ की थी, अब इस साल से पार्क के अंतर्गत आने वाले सारे ट्रैकिंग रूटों पर जाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा।</p>



<p><strong>नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रमुख ट्रैकिंग रूट</strong></p>



<p>क्वांरीपास ट्रैक, द्रोणागिरी ट्रैक, नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क, सतोपंत, कागभुसंडी, फूलों की घाटी, चेनाप घाटी मुख्य ट्रैकिंग रूट हैं।</p>



<p>कोटपार्क प्रशासन की ओर से ऑनलाइन वेबसाइट तैयार की जा रही है। 15 मई से यह वेबसाइट शुरू हो जाएगी। जिससे ट्रैकिंग पर जाने वाले सभी ट्रैकर व पर्यटक ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। साथ ही ट्रैकिंग के दौरान कोई दिक्कत न हो इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग के साथ भी तैयारी की जा रही है। फूलों की घाटी जाने वाले मार्ग पर वैली गेट के पास एक व्यू प्वाइंट तैयार किया जा रहा है, इससे पर्यटकों को क्षेत्र का खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा। फूलों की घाटी वाले मार्ग को 15 मई से सुधारने का कार्य आरंभ किया जाएगा।&nbsp;<strong>– अभिमन्यु, डीएफओ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क।</strong></p>
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		<item>
		<title>चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ में 48 जगह मलबा बहाव को लेकर संवेदनशील, निगरानी के दिए निर्देश</title>
		<link>https://updigitaldiary.in/news-article/100481</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UPDD Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 May 2026 07:39:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चमोली में 48 स्थान है, जो कि मलबा बहाव को लेकर संवेदनशील है। इन स्थानों के पास जल निकासी मार्ग है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संबंधित जगहों के सर्वेक्षण, निगरानी और आवश्यक निवारक कार्य के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सचिवालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को डिब्रिस फ्लो (मलबा &#8230;]]></description>
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<p>उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चमोली में 48 स्थान है, जो कि मलबा बहाव को लेकर संवेदनशील है। इन स्थानों के पास जल निकासी मार्ग है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संबंधित जगहों के सर्वेक्षण, निगरानी और आवश्यक निवारक कार्य के निर्देश दिए हैं।</p>



<p>मुख्य सचिव ने सचिवालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को डिब्रिस फ्लो (मलबा बहाव) से संबंधित जोखिम आकलन पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। बताया गया कि चमोली, उत्तरकाशी एवं पिथौरागढ़ जनपदों में कुल 48 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है। ये सभी स्थान मुख्यतः जल निकासी मार्गों (ड्रेनेज चैनल) के आसपास स्थित हैं, जिन्हें जोखिम के आधार पर उच्च, मध्यम एवं निम्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, ताकि प्राथमिकता के अनुसार कार्य किया जा सके।</p>



<p>इस कार्य के लिए विभिन्न संस्थानों को शामिल करते हुए एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जिसमें उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान तथा उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र शामिल हैं।</p>



<p>मुख्य सचिव ने बर्द्धन ने चिह्नित संवेदनशील स्थलों पर प्राथमिकता के आधार पर सर्वेक्षण, निगरानी एवं आवश्यक निवारक कार्य करने को कहा। इसके लिए जिला प्रशासन व तकनीकी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान निदेशक डॉ. वीके. गहलोत, डॉ. के. लुइरेई, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. मनीष मेहता समेत अन्य संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>UK Board Result: परिणाम घोषित,10वीं का परीक्षाफल इस साल 92.10%</title>
		<link>https://updigitaldiary.in/news-article/100174</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UPDD Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Apr 2026 08:16:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा परिणाम आज घोषित कर दिए गए हैं। उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं का परीक्षा फल इस साल 92.10% रहा, जबकि इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 85.11% रहा।&#160;हाईस्कूल में रामनगर के एमपी इंटर कॉलेज के अक्षत गोपाल ने 500 में से 491 अंक लाकर प्रदेश में&#160;टॉप किया। वहीं इंटरमीडिएट में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज बागेश्वर &#8230;]]></description>
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<p>उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा परिणाम आज घोषित कर दिए गए हैं। उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं का परीक्षा फल इस साल 92.10% रहा, जबकि इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 85.11% रहा।&nbsp;हाईस्कूल में रामनगर के एमपी इंटर कॉलेज के अक्षत गोपाल ने 500 में से 491 अंक लाकर प्रदेश में&nbsp;टॉप किया। वहीं इंटरमीडिएट में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज बागेश्वर की गीतका पंत और भानजुराम इंटर कॉलेज यूएस नगर के सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से 500 में से 490 अंक लाकर प्रदेश में टॉप किया।</p>



<p>शनिवार को शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने परीक्षा परिणाम घोषित किए।&nbsp;कुल सम्मिलित परीक्षार्थियों में 92.10% छात्र पास हुए हैं। बालिकाओं का पास प्रतिशत 96.07 फीसदी रहा, जबकि बालकों का 88.03 फीसदी।</p>



<p>कुल 1,12,266 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1,08,983 सम्मिलित हुए और 1,00,373 उत्तीर्ण हुए। टॉप थ्री में देहरादून जिले के एक लड़के ने अपनी जगह बनाई।&nbsp;<br></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एक बार फिर बदलेगा मौसम, उत्तराखंड के नौ जिलों में बारिश के साथ अंधड़ की चेतावनी</title>
		<link>https://updigitaldiary.in/news-article/100170</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UPDD Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Apr 2026 07:43:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[बीते कई दिनों से गर्मी की मार झेल रहे उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर बदलेगा। नौ जिलों में आज शनिवार को इसका असर देखने को मिलेगा। कई जिलों में बारिश के साथ अंधड़ की चेतावनी जारी की गई है।मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>बीते कई दिनों से गर्मी की मार झेल रहे उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर बदलेगा। नौ जिलों में आज शनिवार को इसका असर देखने को मिलेगा। कई जिलों में बारिश के साथ अंधड़ की चेतावनी जारी की गई है।मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और 4400 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है।</p>



<p>मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर ने बताया कि मैदानी जनपदों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा और नैनीताल जिले में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुले, सीएम धामी ने की पूजा</title>
		<link>https://updigitaldiary.in/news-article/100104</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UPDD Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 06:57:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[आज भू-बैकुंठ बदरीनाथ मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इससे पहले गंगोत्री- यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट पहले ही खुल चुके हैं। बदरीनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह सवा छह बजे बैसाख मास शुक्ल पक्ष पुनर्वसु नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्ध योग में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। सीएम पुष्कर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आज भू-बैकुंठ बदरीनाथ मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इससे पहले गंगोत्री- यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट पहले ही खुल चुके हैं।</p>



<p>बदरीनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह सवा छह बजे बैसाख मास शुक्ल पक्ष पुनर्वसु नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्ध योग में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी कपाट खुलने के पावन पल के साक्षी बने। इससे पहले बुधवार को ही उद्दव, तेल कलश और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंच गई थी, जबकि कुबेर की डोली रात्रि प्रवास के लिए बामणी गांव पहुंची।</p>



<p><strong>25 कुंतल फूलों व फलों से सजा मंदिर<br></strong>मंदिर परिसर से लेकर आसपास के प्राचीन मठ-मंदिरों तक को 25 कुंतल ऑर्किड और गेंदे के फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र जगमगा उठा है।</p>



<p><strong>दस हजार श्रद्धालु पहुंचे<br></strong>बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में रौनक लौट आई है। बदरीनाथ में अब तक करीब साढ़े पांच सौ वाहन पहुंच चुके हैं। अखंड ज्योति के दर्शन के लिए दस हजार से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे। बदरीनाथ धाम में श्रद्धालु आध्यात्मिक अनुभूति के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ भी उठाते हैं।</p>



<p><strong>कपाट उदघाटन से पहले हुई ये परंपराएं होंगी पूरी<br></strong>सुबह 4 बजे- बदरीविशाल के दक्षिण द्वार से भगवान कुबेर जी का प्रवेश।<br>सुबह 4 बजकर 15 मिनट-मंदिर कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात।<br>तड़के 5.30 बजे- रावल जी, धर्माधिकारी व वेदपाठियों का उद्धव जी के साथ मंदिर में प्रवेश।<br>तड़के 5.40 बजे- रावल और धर्माधिकारियों द्वारा द्वार पूजन।<br>सुबह 6 बजकर 15 मिनट- श्रद्धालुओं के लिए बदरीनाथ धाम के कपाट खुले।<br>पूर्वाह्न ग्यारह बजे से गर्भगृह में भगवान बदरीनाथ की पूजाएं शुरु।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>केदारनाथ धाम के कपाट खुले, सीएम धामी आशीर्वाद लेने पहुंचे</title>
		<link>https://updigitaldiary.in/news-article/100077</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UPDD Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 07:16:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोषों से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने। प्रदेश के मुखिया सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पत्नी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोषों से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने। प्रदेश के मुखिया सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पत्नी संग धाम पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।</p>



<p>धाम के पीएम मोदी के नाम से पहली पूजा हुई। वहीं पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने की अपील की। बाबा केदार के धाम को को करीब 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहले ही धाम पहुंच चुके थे और कपाट खुलने के इस अद्भुत क्षण साक्षी बने। बाबा के कपाट खुलने से हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।</p>



<p>इससे पहले बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली मंगलवार शाम लगभग 4:30 बजे केदारनाथ धाम पहुंची। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से रवाना हुई यह डोली 17 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करते हुए जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली और बेस कैंप से होकर केदारपुरी पहुंची।</p>



<p><strong>बाबा केदार की भक्ति में डूबे श्रद्धालु<br></strong>धाम पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर डोली का भव्य स्वागत किया। डोली ने मंदिर की परिक्रमा कर भंडार गृह में प्रवेश किया, जहां विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान 8वीं सिखलाई रेजीमेंट के बैंड की मधुर धुनों और डमरू की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस व आईटीबीपी के जवान तैनात रहे।</p>



<p>कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा केदार की भक्ति में डूबे नजर आए। पीएम मोदी अपने संदेश में पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने की अपील की। इनमें स्वच्छता बनाए रखना, पर्यावरण संरक्षण, सेवा और सहयोग की भावना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और यात्रा के नियमों का पालन करना शामिल है।</p>



<p>इस मौके पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, जिलाधिकारी एवं बीकेटीसी मुख्य कार्य अधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा के लिए प्रेषित की शुभकामनाएं</title>
		<link>https://updigitaldiary.in/news-article/100074</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UPDD Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 07:12:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा शुरु होने पर देशवासियों को शुभकामना संदेश देते हुए, उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों से पांच संकल्पों का पालन करने का आग्रह किया है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रेषित अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि – देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर चारधाम यात्रा का शुभारंभ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा शुरु होने पर देशवासियों को शुभकामना संदेश देते हुए, उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों से पांच संकल्पों का पालन करने का आग्रह किया है।</p>



<p>केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रेषित अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि – देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि बाबा केदार के दर्शन सहित चारों धामों की यह पावन यात्रा भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का एक भव्य उत्सव है। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने बद्रीनाथ और केदारनाथ की यात्राओं से भारतीय संस्कृति को एक नई दिशा दी थी। जगद्गुरु रामानुजाचार्य और जगद्गुरु माध्वाचार्य ने भी अपने धर्मविचारों को समृद्ध करने के लिए बद्रीनाथ की यात्रा की थी।</p>



<p>आज भी हिमालय की गोद में विराजमान ये चारों धाम हमारी शाश्वत आस्था और विश्वास के दिव्य केंद्र हैं। हर वर्ष विविध भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के लोग यहां पहुंचते हुए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के भाव को और अधिक सशक्त करते हैं। इस वर्ष की यात्रा भी इसी परंपरा का विस्तार है।</p>



<p><strong>विकसित भारत में विकसित उत्तराखंड की भूमिका<br></strong>प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि विकसित भारत के संकल्प में विकसित उत्तराखंड की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले, उन्होंने बाबा केदार के द्वार पर खुद ये कहा था कि ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा। आज उत्तराखंड की प्रगति इस विश्वास को साकार कर रही है। उत्तराखंड आज पर्यटन, आध्यात्मिकता और आर्थिक प्रगति, तीनों क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।</p>



<p>पिछले कुछ वर्षों से उत्तराखंड में विकास का जो महायज्ञ चल रहा है, उसने चारधाम यात्रा को पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और दिव्य बनाया है। जिससे श्रद्धालुओं, संतजनों और पर्यटकों को सुविधा हो रही है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले अतिथियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी यात्रा के दौरान डिजिटल उपवास रखते हुए, उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को जीने का प्रयास भी करें। इससे उन्हें एक अलग संतुष्टि भी मिलेगी।</p>



<p><strong>पांच संकल्प</strong></p>



<p><strong>पहला संकल्प – स्वच्छता सर्वोपरि<br></strong>धाम और उसके आसपास स्वच्छता बनाए रखें। नदियों को साफ रखने के लिए अपना योगदान दें। सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त यात्रा का संकल्प लें और इस पावन धरा की गरिमा को बनाए रखें।</p>



<p><strong>दूसरा संकल्प – प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता<br></strong>हिमालय की इस दिव्य धरा के प्रति संवेदनशील रहे। प्रकृति के संतुलन को बनाए रखते हुए, एक पेड़ मां के नाम’ जैसे प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।</p>



<p><strong>तीसरा संकल्प – सेवा, सहयोग और एकता पर बल<br></strong>पुरातन काल से तीर्थ यात्राएं सर्वजन की सेवा और सामाजिक समरसता को स्थापित करने का माध्यम रही हैं। आज भी लोग इसी सेवा भाव से तीर्थयात्रियों की सेवा करते हैं। इसीलिए तीर्थयात्री अपनी यात्रा के प्रत्येक दिन, किसी ना किसी रूप में, लोगों की सेवा का एक काम अवश्य करें।<br>सहयात्रियों की सहायता करें और देश की विभिन्न जगहों से आए लोगों से जुड़े। उनकी परंपराओं का सहभागी बनकर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को इस यात्रा के माध्यम से सशक्त करें।</p>



<p><strong>चौथा संकल्प – वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा<br></strong>अपने मूल स्थान से चलकर घर लौटने तक अपने कुल खर्च का पांच प्रतिशत हिस्सा लोकल उत्पादों को खरीदने पर जरूर खर्च करें। अगर किसी स्थानीय चीज की जरूरत इस मौसम में नहीं भी है, तो भी उसे भविष्य के इस्तेमाल के भाव से ही खरीदने का प्रयास करें।</p>



<p><strong>पांचवां संकल्प – अनुशासन, सुरक्षा और मर्यादा का पालन<br></strong>यात्रा के नियमों और यातायात निर्देशों का पालन करें। एक जिम्मेदार और सजग नागरिक के रूप में इस तीर्थ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाएं। हम ये प्रयास करें कि हमारी यात्रा से, इस यात्रा के आयोजन और प्रबंधन में जितने भी लोग लगे हुए हैं, उन्हें कोई असुविधा ना हो। प्रधानमंत्री ने क्रिएटर्स, इंफ्लूएंसर्स से भी उत्तराखंड की स्थानीय कहानियों और यहां की छोटी-छोटी परंपराओं को भी जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>फूलों से सजने लगा बाबा केदार का धाम, आज गौरीकुंड पहुंचेगी उत्सव डोली</title>
		<link>https://updigitaldiary.in/news-article/99989</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UPDD Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Apr 2026 07:01:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[बाबा केदार के धाम में यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।&#160;पूरा केदारपुरी क्षेत्र फूलों से सजाया जा रहा है। बाबा की&#160;पंचमुखी उत्सव विग्रह डोली रविवार को फाटा में रात्रि विश्राम करने के बाद आज गौरीकुंड पहुंचेगी। डोली केदारनाथ धाम की ओर अपने निर्धारित पड़ावों से आगे बढ़ रही है।&#160; रास्ते भर श्रद्धालुओं में &#8230;]]></description>
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<p>बाबा केदार के धाम में यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।&nbsp;पूरा केदारपुरी क्षेत्र फूलों से सजाया जा रहा है। बाबा की&nbsp;पंचमुखी उत्सव विग्रह डोली रविवार को फाटा में रात्रि विश्राम करने के बाद आज गौरीकुंड पहुंचेगी। डोली केदारनाथ धाम की ओर अपने निर्धारित पड़ावों से आगे बढ़ रही है।&nbsp; रास्ते भर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।</p>



<p>गौरीकुंड में डोली के स्वागत को लेकर भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं, कल 21 अप्रैल को केदारनाथ की पंच मुखी उत्सव डोली धाम में पहुंचेगी। जिसके बाद 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे तय लग्नानुसार कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।&nbsp;केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य पंडित उमेश चंद्र पोस्ती ने बताया कि यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं।</p>



<p>केदारपुरी में होटल और धर्मशालाएं सजने लगी हैं तथा यात्रियों के ठहरने के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।</p>
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		<title>बदरीनाथ धाम की यात्रा को लेकर अलर्ट मोड पर पुलिस, सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद</title>
		<link>https://updigitaldiary.in/news-article/99986</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UPDD Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Apr 2026 06:42:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[बदरीनाथ धाम मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। ऐसे में&#160;यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था को&#160;देखते हुए&#160;चमोली पुलिस अलर्ट मोड पर है।&#160;यात्रा के सुचारू&#160;व सुरक्षित संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। धाम क्षेत्र में संभावित भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए बहु-स्तरीय सुरक्षा &#8230;]]></description>
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<p>बदरीनाथ धाम मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। ऐसे में&nbsp;यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था को&nbsp;देखते हुए&nbsp;चमोली पुलिस अलर्ट मोड पर है।&nbsp;यात्रा के सुचारू&nbsp;व सुरक्षित संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।</p>



<p>धाम क्षेत्र में संभावित भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए बहु-स्तरीय सुरक्षा प्लान लागू किया गया है। सभी प्रवेश मार्गों, प्रमुख स्थलों व संवेदनशील क्षेत्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।</p>



<p>साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी रखी जा रही है तथा नियमित चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। सबसे अहम, आतंकवादी निरोध दस्ता (एटीएस) ने मोर्चा संभाल लिया है। एटीएस की तैनाती के साथ ही सुरक्षा कड़ी हो गई है।<br></p>
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		<title>चारधाम यात्रा 2026: चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री तक आपदा के बाद कोई सुधार नहीं</title>
		<link>https://updigitaldiary.in/news-article/99903</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UPDD Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:56:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[चारधाम यात्रा के लिए महज अब तीन दिन का समय रह गया है लेकिन गंगोत्री हाईवे की स्थिति में आपदा के बाद से कोई सुधार नहीं आया है। मात्र सड़क से मलबा हटाने के अलावा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से किसी प्रकार का सुरक्षात्मक कार्य नहीं किया गया है। आपदा में क्षतिग्रस्त सड़कों &#8230;]]></description>
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<p>चारधाम यात्रा के लिए महज अब तीन दिन का समय रह गया है लेकिन गंगोत्री हाईवे की स्थिति में आपदा के बाद से कोई सुधार नहीं आया है। मात्र सड़क से मलबा हटाने के अलावा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से किसी प्रकार का सुरक्षात्मक कार्य नहीं किया गया है। आपदा में क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति जस की तस है। नदी के तेज बहाव में बही सड़कों के स्थान पर कच्ची सड़कों के निर्माण में लीपापोती की गई है।</p>



<p>चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री धाम तक गंगोत्री हाईवे का करीब 135 किमी हिस्सा शामिल है। इसमें जनपद की सीमा शुरू होते ही नगुण भूस्खलन जोन से ही यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उसके बाद धरासू में सड़क चौड़ीकरण के दौरान सक्रिय भूस्खलन सहित नालूपानी में बीते वर्ष मानसून सीजन में सक्रिय भूस्खलन जोन कभी भी आवाजाही में बाधा बन सकते हैं।</p>



<p>बीआरओ ने धरासू बैंड के समीप गंगोत्री हाईवे पर करीब 100 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण किया था लेकिन वह एक बरसात भी नहीं झेल पाई और दीवार टूटने के कारण हाईवे पर भू-धंसाव हो गया। एक वर्ष में उसको सुधारा नहीं गया। दूसरी ओर उत्तरकाशी से लेकर गंगोत्री धाम तक गत वर्ष आई आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त भटवाड़ी, सोनगाड, डबरानी, हर्षिल आदि में स्थिति नहीं बदली है। लिम्चागाड में भी अब कार्य शुरू किया गया है।</p>



<p>बोल्डर पहाड़ी पर लटक रहे<br>उत्तरकाशी से भटवाड़ी तक नेताला, बिशनपुर, नलूणा आदि क्षेत्रों में अभी भी कई टन और बोल्डर पहाड़ी पर लटक रहे हैं। साथ ही भटवाड़ी में भू-धंसाव के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों पर भी आवाजाही में खतरा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से बीआरओ को तीन मार्च तक सड़क सुधारने का समय दिया था लेकिन अब तक हालत वही है।</p>



<p>बीआरओ कमांडर राजकिशोर ने कहा कि जहां पर स्लाइडिंग और सिकिंग जोन है। वहां सड़क पर क्रंकीट ब्लॉक बिछाकर आवाजाही सुचारू रखी जाएगी। साथ ही सभी प्वाइंट पर मशीनरी हर समय तैनात रखी जाएगी।</p>
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