दर्द कहीं भी हो पर खाते हैं एक ही पेनकिलर? समझ लें सही नियम

आजकल हल्की सी परेशानी में हम दवा चाहते हैं जिससे तुरंत आराम हो जाए। खासकर कि बात अगर गर्दन, पेट, पैर और सिरदर्द की हो। हमें पेनकिलर एक संजीवनी बूटी की तरह लगती है पर जाने-अनजाने में हम इसे खाते वक्त कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जो आगे चलकर हमारे शरीर पर भारी पड़ सकती हैं।

गलत ओवर द काउंटर लेना 

फार्मेसी से ओवर द काउंटर दवाएं लेना सबसे आसान है, यहां तक कि बाजार में इसके भी कई विकल्प मौजूद हैं। मार्केट में अलग-अलग पेनकिलर मिलने लगी हैं। यहां यह बात जान लेने वाली है कि हर पेनकिलर हर तरह के दर्द में काम नहीं करती, लेकिन लोग कई बार शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द के लिए एक ही दवा खाते रहते हैं। 

लेबल न पढ़ना 

अब क्योंकि दवा ओवर द काउंटर उपलब्ध है जिसे बिना किसी डॉक्टर की सलाह के लिए ले सकते हैं तो हम उसका लेबल पढ़ना भी जरूरी नहीं समझते। जबकि यहीं पर आपको दवा से जुड़ी चेतावनी की जानकारी मिलेगी कि इससे किस लोगों को एलर्जी हो सकती है या किन चीजों के लिए यह सुरक्षित है। 

डोज के लिए इन्स्ट्रक्शन न पढ़ना 

वैसे तो दवा को खाने के बीच में 6-7 घंटे के गैप की बात की जाती है लेकिन कई बार लोग ज्यादा दर्द में कुछ ही घंटों में दोबारा खा लेते हैं। इसका सीधा असर लीवर और किडनी पर पड़ सकता है जो भविष्य के लिए चिंताजनक है। इसक अलावा, अगर उसे डॉक्टर ने दिन में 2 बार खाने की सलाह दी है और आप एक ही बार ले रहे हैं तो इस स्थिति में दवा असर नहीं करेगी।  

खाली पेट पेनकिलर खाना 

मार्केट में मिलने वाली ज्यादातर ओवर द काउंटर दवाओं को हमेशा खाना खाने के बाद लेने की सलाह दी जाती है। ऐसा न करने पर पेट दर्द और पेट में छालों यानी अल्सर जैसी स्थिति बन सकती है। अगर अक्सर आप खाली पेट पेनकिलर खाते हैं तो इस आदत को आज से ही छोड़ देने में भलाई है। 

ज्यादा दर्द में डॉक्टर से सलाह न लेना 

डॉक्टर के पास जाने का आलस कुछ लोगों को गंभीर दर्द में ही पेनकिलर खाने के लिए मजबूर कर देता है। ऐसी स्थिति में दर्द सामान्य कारणों के बजाय किसी शारीरिक समस्या की वजह से भी हो सकता है और इस तरह हम सेहत से खिलवाड़ करते जाते हैं। 

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