मध्य प्रदेश: इस सीजन का सबसे कम 3.8 डिग्री दर्ज हुआ न्यूनतम तापमान

जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में शीत लहर अपना तेज असर दिखा रही है। हवाएं दक्षिण पूर्व से चल रही है, उसकी रफ्तार भी सामान्य से ज्यादा है, जिससे शीतलहर का असर भी तेज है। आरएके कॉलेज मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एसएस तोमर ने बताया कि अभी ऐसा ही मौसम रहेगा बारिश की कोई संभावना नहीं है। आगामी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आसमान में हल्के बादल से मध्यम हल्के बादल छाये रखने का अनुमान है। हवा की दिशा प्रारंभ में उत्तर पूर्व से एवं बाद के दिनों में लगातार पूर्व से रहने का अनुमान है। दिन एवं रात्रि के तापमान में मामूली बढ़ोतरी रहने का अनुमान है । हवा की गति 09 से 10 किलो मीटर प्रति घण्टा चलने का अनुमान है। आगामी दिनों में हवा की दिशा पूर्व से होने के कारण पाला पड़ने की संभावना नहीं है।

शीतलहर के दौरान क्या करें
सर्दियों के कपड़े पर्याप्त मात्रा में रखें। कपड़ों की कई परतें पहनना भी लाभदायक रहता है। ठंडी हवा से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। अपने शरीर को सुखाकर रखें। यदि कपड़े गीले हो जाएं, तो उन्हें तुरंत बदलें। इससे शरीर की उष्मा बनी रहेगी। नियमित रूप से गर्म पेय पिएं। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ख्याल रखें।

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