प्रधानमंत्री बोले- भारतीय सेना के जवान निस्वार्थ सेवा-राष्ट्र रक्षा के प्रतीक, सैनिकों को नमन

सेना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय सेना की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है और सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अटूट संकल्प के साथ देश की सुरक्षा करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र उनकी वीरता और दृढ़ प्रतिबद्धता को नमन करता है।

उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं, जो सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र की रक्षा करते हैं। कर्तव्य के प्रति उनकी भावना पूरे देश में विश्वास और कृतज्ञता की भावना जगाती है। मोदी ने कहा कि देश उन लोगों को गहरे सम्मान के साथ याद करता है जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

सेना का राष्ट्र प्रथम का भाव भारतीय को प्रेरित करता है- राष्ट्रपति

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा में सदैव अडिग रही है। हमारे सैनिक सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आपदा, संकट और मानवीय सहायता के समय भी अहम भूमिका निभाते हैं। आपका अटूट राष्ट्र प्रथम का भाव हर भारतीय को निरंतर प्रेरित करता है।

भारतीय सेना ने वैश्विक सम्मान अर्जित किया है- रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सेना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर भारतीय सेना के वीर जवानों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं। राष्ट्र उनके अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और भारत की संप्रभुता व अखंडता की रक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को नमन करता है।

उन्होंने कहा कि सीमाओं पर सतर्कता और संकट की घड़ी में दृढ़ संकल्प के साथ खड़ी भारतीय सेना ने अपने पेशेवर कौशल, अनुशासन और मानवीय सेवा के माध्यम से वैश्विक सम्मान अर्जित किया है। हमारी सरकार एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार सेना के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कृतज्ञ राष्ट्र गर्व और सम्मान के साथ अपने सैनिकों के साथ एकजुट खड़ा है।

उपराष्ट्रपति ने वीर शहीदों को किया नमन

वहीं उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि सेना दिवस के अवसर पर मैं भारतीय सेना के वीर अधिकारियों, जवानों और पूर्व सैनिकों को नमन करता हूं। देश की सुरक्षा में उनका अटूट साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान हर नागरिक को प्रेरित करता है। हम भारत की एकता और अखंडता के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा और अडिग प्रतिबद्धता का सम्मान करते हैं। इस पावन अवसर पर हम कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को गहरी कृतज्ञता के साथ स्मरण करते हैं।

शौर्य की गूंज हमारे इतिहास के पन्नों में दर्ज- गृह मंत्री
गृह मंत्री अमित शाह ने सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। शाह ने कहा कि उनके शौर्य की गूंज हमारे इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जो हर पीढ़ी के भारतीयों के भीतर देशभक्ति की प्रचंड ज्वाला प्रज्वलित करती है। कर्तव्य पथ पर सर्वस्व अर्पित करने वाले उन वीर हृदयों को मेरा कोटि-कोटि नमन।

राष्ट्र सदैव सेना का ऋणी रहेगा- खरगे और राहुल
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने कहा कि भारतीय सेना दिवस के अवसर पर हम अपने वीर जवानों, पूर्व सैनिकों, सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ नमन करते हैं। भारतीय सेना हमारे राष्ट्र की अडिग ढाल के रूप में खड़ी है, कठिन से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सीमाओं की रक्षा करती हुई, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के समय स्थिरता बनाए रखती हुई और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान निस्वार्थ व अटूट सहयोग प्रदान करती हुई। आपका अदम्य साहस, उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता और निस्वार्थ बलिदान की भावना भारत को सुरक्षित रखती है, जिसके लिए राष्ट्र सदैव आपका ऋणी रहेगा।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी शुभाकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में सदैव तत्पर हमारे वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। उनके अदम्य साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान के लिए हम सदैव उनके ऋणी रहेंगे।

क्यों मनाया जाता है सेना दिवस?
15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है, जो फील्ड मार्शल के.एम. कारियाप्पा द्वारा 1949 में अपने ब्रिटिश पूर्ववर्ती जनरल सर एफ.आर.आर. बुचर का स्थान लेकर भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार संभालने की याद में मनाया जाता है।

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