वैश्विक सीईओ के साथ मोदी का मंथन, एआई सहयोग और निवेश के अवसरों पर रहा जोर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि एआइ इंपैक्ट समिट के दौरान सीईओ राउंडटेबल में हुई चर्चाएं समझदारी भरी, आगे का सोच वाली और ग्रोथ के अवसर खोलने पर फोकस थीं। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि तरक्की और सतत विकास के लिए एआइ का इस्तेमाल करने के लिए साझा प्रतिबद्धता देखना खुशी की बात थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि एआइ इंपैक्ट समिट के दौरान सीईओ राउंडटेबल में हुई चर्चाएं समझदारी भरी, आगे का सोच वाली और ग्रोथ के अवसर खोलने पर फोकस थीं।
एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि तरक्की और सतत विकास के लिए एआइ का इस्तेमाल करने के लिए साझा प्रतिबद्धता देखना खुशी की बात थी।
पीएम मोदी ने पोस्ट में कहा, ”सीईओ राउंडटेबल में एआइ, तकनीक और नवाचार की दुनिया के अलग-अलग हितधारक एक साथ आए। चर्चाएं समझदारी भरी और आगे का सोच वाली थीं, जो एआइ को जिम्मेदारी से बढ़ाने, वैश्विक सहयोग को मजबूत करने और ग्रोथ के अवसरों को खोलने पर फोकस थीं।”
इससे पहले समिट के लीडर्स प्लेनरी सेशन में अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि यह समिट एक मानव केंद्रित और संवेदनशील वैश्विक एआइ ईकोसिस्टम बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। इतिहास बताता है कि इंसानियत ने हमेशा मुश्किलों को मौकों में बदला है और आज मुश्किलों को इंसानियत के सबसे बड़े मौके में बदलने का एक और ऐसा ही अवसर है।
पीएम मोदी ने भगवान बुद्ध की सीख को याद करते हुए कहा कि ”सही काम सही समझ से होता है” और एक ऐसा रोडमैप बनाने की अहमियत पर जोर दिया जो समय पर, अच्छे इरादे वाले और सही फैसलों के जरिये एआइ का सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित करे।
गर्व की बात है कि यह समिट भारत में हो रही है
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान दुनिया ने देखा कि जब देश एक साथ खड़े होते हैं, तो नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है। तकनीक ने पहले विभाजन पैदा किया था, लेकिन अब एआइ आसानी से मिलनी चाहिए और सबकी पहुंच में होनी चाहिए। जब एआइ के भविष्य पर बात हो रही है, तो ग्लोबल साउथ की उम्मीदों और आवश्यकताओं को एआइ गवर्नेंस के केंद्र में रखा जाना चाहिए। यह ग्लोबल साउथ के लिए गर्व की बात है कि यह समिट भारत में हो रही है।
पीएम मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एआइ के लिए एक ”नेचुरल हब” के तौर पर उभर रहा है, जिसके लिए एक मजबूत डिजिटल आधार, सुरक्षित बुनियादी ढांचा और जीवंत स्टार्टअप ईकोसिस्टम बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ”मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआइ माडल और एप्लिकेशन लांच किए हैं। ये माडल हमारे युवाओं की प्रतिभाओं को दिखाते हैं। ये उन साल्यूशन को भी दिखाते हैं जो भारत दुनिया को दे रहा है।”
पीएम मोदी ने कहा, ”भारत में विविधता, जनसंख्या और लोकतंत्र है। जो एआइ माडल भारत में सफल हो सकता है, वह दुनियाभर में सफल हो सकता है। भारत में डिजायन और विकसित करें। दुनिया को दें, इंसानियत को दें।”
साथ ही कहा, हमें एआइ को खुला आसमान देना होगा, लेकिन साथ ही हमें लगाम अपने हाथों में रखनी होगी। एआइ की शक्ति की तुलना परमाणु ऊर्जा से करते हुए उन्होंने कहा, ”हमने इसकी तबाही देखी है और इसका सकारात्मक योगदान भी देखा है।’
शानदार रही समिट : नीलेकणि
सीईओ फरोम में इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने कहा कि समिट शानदार रही है और प्रधानमंत्री मोदी के आम आदमी, मजदूरों और किसानों को फायदा पहुंचाने के विजन के साथ एआइ देश में सच में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत यह दिखाने के लिए दुनिया का नेतृत्व करेगा कि एआइ का विस्तार आम आदमी, किसानों, छात्रों और मरीजों की ¨जदगी को बेहतर बनाने में कैसे मदद कर सकता है।
एआइ के प्रसार में अग्रणी भूमिका निभा सकता है भारत: नंदन नीलेकणि
इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में असली चुनौती इसे विकसित करने में नहीं, बल्कि इसे व्यापक जनमानस तक पहुंचाने में है।
इंडिया एआइ इंपैक्ट समिट में बोलते हुए उन्होंने कहा, हमने यह सीखा है कि प्रौद्योगिकी का प्रसार एक अलग ही चुनौती है, आप एक अरब लोगों तक प्रौद्योगिकी कैसे पहुंचाते हैं। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
यूपीआइ और डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में भारत के अनुभव का हवाला देते हुए नीलेकणि ने कहा कि देश जानता है कि विशाल जनसंख्या में प्रौद्योगिकी को व्यापक स्तर पर कैसे पहुंचाया जाए।
भारत ने एआइ की दुनिया में अपनी मजबूत स्थिति बना ली है : सुनील मित्तल
भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और अध्यक्ष सुनील मित्तल ने कहा कि भारत ने ग्लोबल साउथ के लिए पहले एआइ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करके एआइ जगत में अपनी मजबूत स्थिति स्थापित कर ली है।उन्होंने कहा कि एयरटेल क्लाउड से संबंधित पहलों के साथ एआइ क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा, ”मैं कहूंगा कि यह दुनिया भर में आयोजित सबसे प्रभावशाली शिखर सम्मेलनों में से एक है। यह चौथा एआइ शिखर सम्मेलन है और वास्तव में बेहद शानदार रहा है। यहां तक कि राष्ट्रपति मैक्रों सहित विश्व के नेताओं ने भी इसकी सराहना की, जो पिछले शिखर सम्मेलन के मेजबान थे। इसलिए, मुझे लगता है कि भारत ने एआइ जगत में अपनी मजबूत स्थिति बना ली है।”
एआइ क्षमताओं का निर्माण अनिवार्य है, वैकल्पिक नहीं : फेडेक्स सीईओ
फेडेक्स के सीईओ राजेश सुब्रमणियन ने गुरुवार को कहा कि एआइ क्षमताओं का विकास करना अनिवार्य है, वैकल्पिक नहीं, क्योंकि इस तकनीक का तेजी से विकास मानव समाज में एक महत्वपूर्ण घटना साबित हो सकती है।एआइ समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की सभाएं प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने और सहयोगात्मक, जिम्मेदार और समान रूप से वैश्विक प्रगति करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा, ”एआइ की हालिया तीव्र वृद्धि इलेक्टि्रक पावर सिस्टम की उन्नति और इंटरनेट की शुरुआत के बाद मानव समाज में सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक साबित हो सकती है।”
उन्होंने कहा, ”फेडेक्स में अपने 35 वर्षों के अनुभव और वैश्विक व्यापार पर नजर रखने के दौरान मैंने इस गति और व्यापकता का परिवर्तन कभी नहीं देखा। हमारे पास परिवर्तन लाने के लिए कभी कोई शक्तिशाली तकनीकी क्षमता भी नहीं थी। एआइ एक अधिक संयोजित, जटिल और अवसरों से भरपूर दुनिया में आधुनिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को आकार देने के लिए एक शक्तिशाली टूल है।”
अडोब चेयरमैन शांतनु ने कहा – भारत में एआइ के प्रभाव अन्य देशों से अधिक होंगे
अमेरिकी साफ्टवेयर कंपनी अडोब के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शांतनु नारायण ने गुरुवार को कहा कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के प्रभाव अगले कुछ वर्षों में दुनिया के अन्य किसी भी देश की तुलना में अधिक नजर आएंगे क्योंकि यहां आबादी अधिक है। उन्होंने कहा कि भारत डाटा, गोपनीयता और सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।’
इंडिया एआइ इम्पैक्ट समिट में नारायण ने कहा कि एआइ को लोकतांत्रिक बनाने और उसे आम लोगों तक उपलब्ध कराने के मामले में भारत अधिकतर अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।
उन्होंने कहा, भारत में एआइ का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या अगले कुछ वर्षों में दुनिया के किसी भी अन्य देश से अधिक होगी। ‘कंटेंट’ प्रामाणिकता के बारे में उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए अविश्वसनीय अवसर है।
उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि भारत अधिकतर अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैज् मुझे उन देशों में क्या होगा इस बारे में कम विश्वास है। मुझे भारत में क्या होगा, इस पर कहीं अधिक भरोसा है।
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