दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में हुए बम ब्लास्ट मामले में पुलिस ने वैज्ञानिक को किया गिरफ्तार

दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में 9 दिसंबर को हुए बम ब्लास्ट मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दिल्ली की पुलिस की स्पेशल सेल ने भारत भूषण कटारिया नामक एक वैज्ञानिक को गिरफ्तार किया है। आरोपित डीआरडीओ में साइंटिस्ट बताया जा रहा है। बेशक पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब आप जानना चाह रहे होंगे।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर आरोपित वैज्ञानिक का वकील से पुराना विवाद चल रहा था और वह उसे मारना चाह रहा था को आखिर उसने कोर्ट को ही जगह क्यों चुनी। जबकि रोहिणी कोर्ट में एक कुख्यात अपराधी की हत्या के बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई थी। कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।

आपके मन में यह भी सवाल उठ रहा होगा आरोपित वैज्ञानिक होने के बावजूद उसे ऐसा क्यों करने पर मजबूर होना पड़ा। अगर कोई किसी को मारना ही चाहता है तो उसके कई रास्ते हो सकते हैं। उसे यह भी पता रहा होगा ब्लास्ट के बाद पुलिस उस तक पहुंच सकती है।

पुलिस के मुताबिक, साइंटिस्ट भारत भूषण कटारिया वारदात के दिन कोर्ट परिसर के सीसीटीवी में भी दिख भी रहा है। आरोपित दो बैग लेकर एक गेट से कोर्ट परिसर में घुसता है, फिर अलग गेट से निकलता है, यानी सुबह 9.33 पर एंट्री हुई और 10.33 पर निकल गया।

इस वजह से वकील को मारना चाहता था आरोपित

दरअसल, आरोपित साइंटिस्ट जिस बिल्डर फ्लैट में रहता था उसके ऊपर वाले फ्लैट में अमित वशिष्ट नाम का एक वकील रहता है जिससे आरोपी साइंटिस्ट का पुराना विवाद चल रहा था। साइंटिस्ट ने वकील पर करीब 6 मुकदमें और वकील ने आरोपित पर करीब सात मुकदमें दर्ज करवाया हुआ है। इसको लेकर साइंटिस्ट परेशान था। जिस दिन बम ब्लास्ट हुआ था उसी दिन इसके केस की डेट भी लगी हुई थी। इसीलिये आरोपी साइंटिस्ट ने टिफिन बम के जरिये वकील को जान से मारने का प्लान बनाया। बम घर में बनाया था। बम बनाने के लिए उसके कुछ सामान अमेज़न से भी ख़रीदी था।

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