बुशहर परमाणु केंद्र पर हमले से खाड़ी देशों में बढ़ा रेडिएशन का खतरा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने तेहरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हमले के बारे में चिंता जताई है और कहा कि इससे रेडिएशन का खतरा पैदा हो गया है।
दरअसल, यूएन को लिखे पत्र में अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि अमेरिका-इजरायल द्वारा परमाणु केंद्र पर किए गए हमले से रेडिएशन प्रदूषण फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसका असर न सिर्फ ईरान की सीमाओं तक सीमित रहेगा, बल्कि खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों पर भी देखने को मिलेगा।
परमाणु केंद्र पर बार-बार हो रहें हमले
यूएन महासचिव को लिखे पत्र में अराघची ने कहा, “बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास हमलावरों द्वारा बार-बार किए जा रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। इनसे पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिसके मानवीय और पर्यावरणीय दोनों ही दृष्टियों से गंभीर परिणाम होंगे।”
बार-बार हमले से बढ़ा रेडिएशन का खतरा
पत्र में, अराघची ने कहा कि देश के एकमात्र चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास बार-बार होने वाले हमलों से व्यापक क्षेत्र के लिए गंभीर मानवीय और पर्यावरणीय खतरे पैदा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सक्रिय बुशहर संयंत्र के पास बार-बार होने वाले हमलों ने “असहनीय स्थिति” पैदा कर दी है और चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार के विकिरण रिसाव के ईरान की सीमाओं से परे भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अरघची ने कहा कि बुशहर संयंत्र पर चार बार हमला हुआ था, और दावा किया कि अगर रेडिएशन फैलता है तो तेहरान की तुलना में खाड़ी सहयोग परिषद की राजधानियों को अधिक खतरा होगा।
आईएईए की आई प्रतिक्रिया
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने बताया कि ईरान ने उसे सूचित किया है कि शनिवार सुबह बुशहर संयंत्र परिसर के पास एक प्रक्षेपास्त्र गिरा, जो हाल के हफ्तों में इस तरह की चौथी घटना है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने कहा कि फिलहाल विकिरण के स्तर में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थलों और आसपास के क्षेत्रों पर कभी भी हमला नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि सहायक संरचनाओं में महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण हो सकते हैं। उन्होंने सैन्य संयम बरतने की अपनी अपील दोहराई और संघर्ष के दौरान परमाणु सुरक्षा के लिए एजेंसी के सात स्तंभों का पालन करने के महत्व पर बल दिया।



