यूरोप में गैंग सोशल मीडिया से टीनएजर्स को बना रहे हैं भाड़े के कातिल

यूरोप में अब क्राइम गैंग सोशल मीडिया के जरिए टीनएजर्स को रिक्रूट करके उनसे पैसे के बदले मर्डर करवा रहे हैं। यह चेतावनी यूरोपोल ने दी है। पुलिस इसे वायलेंस-एज-ए-सर्विस यानी हिंसा को सेवा के रूप में बेचना बता रही है।

इस रैकेट के पीछे मुख्य नाम स्वीडन का फॉक्सट्रॉट नेटवर्क है। पुलिस का मानना है कि ये गैंग 2022 से अब तक करीब 35 मर्डर के लिए जिम्मेदार है। गैंग पर यूरोप में इजरायली टारगेट पर हमले और ईरान सरकार से लिंक होने का भी आरोप है।

रावा मजीद करता है लीड

इस गैंग को रावा मजीद लीड करता है, जो स्वीडन से भागकर पहले तुर्की और अब तेहरान, ईरान में रह रहा है। UK सरकार ने 2025 में मजीद और फॉक्सट्रॉट पर बैन लगाया था।

इस तरह से फंसाते हैं टीनएजर्स को

यह गैंग युवाओं को सोशल मीडिया पर टारगेट करते हैं। उन्हें मोटे कैश का लालच देकर भाड़े का कातिल बनाते हैं। कई बार पेमेंट मिलती ही नहीं क्योंकि उन्हें तुरंत अरेस्ट कर लिया जाता है। इस साल 2 बड़े मामले सामने आए हैं।

इन दो मामलों में सामने आई सच्चाई

अटिला अजीमोव (18) ने पिछले साल फरवरी में इसने स्टॉकहोम में एक 20 साल के स्टूडेंट को गोली मार दी थी। अजीमोव ने पैसे के लिए ये काम किया था, लेकिन पेमेंट से पहले ही पकड़ा गया। उसे उम्रकैद हुई।

जोहान्स नैटलैंड ने इसे UK में वेस्ट यॉर्कशायर में एक मर्डर की साजिश के लिए सजा हुई। नैटलैंड को पहला मैसेज मिला था इंग्लैंड में किलिंग 270k यानी 270,000 नॉर्वेजियन क्रोनर।

जोहान्स को जेनरेलेन नाम के 16 साल करे लड़के ने हायर किया, जो खुद एक चिल्ड्रन होम में रहता था। फिर एजेंट 47 यानी पॉपुलर वीडियो गेम के नाम से एक मेंबर ने उसकी मैनचेस्टर की वन-वे फ्लाइट और इमरजेंसी पासपोर्ट का इंतजाम किया।

नैटलैंड को सिग्नल ऐप पर इंस्ट्रक्शन मिले। उसे मैप और वीडियो भेजे गए जिसमें बताया गया कि हडर्सफील्ड के पास जंगल में बंदूकें कहां हैं और कैश कहां छिपा है। हमले से पहले ही ब्रिटिश पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि जेनरेलेन ने अजीमोव और दक्षिणी स्वीडन में एक और 17 साल के लड़के को भी रिक्रूट किया था।

यूरोपोल ने बनाई स्पेशल टास्क फोर्स

यूरोपोल के यूरोपियन सीरियस एंड ऑर्डनाइज्ड क्राइम सेंटर के हेड एंडी क्रैग ने इसे कमजोर युवाओं की सोची-समझी हत्या की आउटसोर्सिंग कहा। इसके जवाब में यूरोपोल ने OTF GRIMM नाम की स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है, जिसमें 11 यूरोपीय देशों की पुलिस है।

पिछले 15 महीनों में 280 से ज्यादा संदिग्ध गिरफ्तार हुए हैं। गिरफ्तार लोगों में अली शहाद अहमद भी है, जिसे एजेंट 47 माना जाता है। से इराक से पकड़ा गया है और स्वीडन ने उसके एक्सट्रेडिशन की मांग की है।

एक पूर्व रैपर मोहम्मद मोएवगली मोहदी को भी फॉक्सट्रॉट का अहम सदस्य बताकर पकड़ा गया है। हालांकि गैंग का सरगना रावा मजीद अभी भी ईरान में है और उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। 

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