उत्तराखंड: तीस हजार किसानों को लग सकता हैं बड़ा झटका, रुक सकती हैं…

हरिद्वार के करीब तीस हजार किसानों की किसान पेंशन पर अगस्त से रोक लग सकती है। पेंशन जारी रखने के लिए इन्हें पीएम किसान पोर्टल पर ई-केवाईसी कराना जरूरी है लेकिन आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण वह ई-केवाईसी नहीं करा पा रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले कार्यकाल के समाप्त होने के ठीक पहले किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसान को हर साल तीन किस्तों में कुल छह हजार रुपये की पेंशन दे रही है। हाल ही सरकार ने योजना का लाभ ले रहे किसानों के लिए पीएम किसान पोर्टल पर ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है। काफी किसान अपने स्मार्टफोन से खुद अपना ई-केवाईसी कर रहे हैं, स्मार्टफोन न रखने वाले किसान नजदीक के जन सेवा केंद्र पर जाकर भी ई-केवाईसी करा रहे हैं।

ई-केवाईसी इसी 15 अगस्त से पहले करना जरूरी है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक हरिद्वार के एक लाख 32 हजार किसान यह पेंशन ले रहे हैं। अभी तक इनमें करीब 75 हजार किसानों का ही ई-केवाईसी हुआ है। कई किसान ऐसे हैं, जो चाहकर भी ई-केवाईसी नही करवा पा रहे हैं। किसान राजवीर, कुंदन सिंह, मनवीर ने बताया कि ई-केवाईसी में आधार कार्ड की डिटेल डालने पर पोर्टल उससे लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजता है। कई से किसानों के आधारकार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है। इससे उनका ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है।

हरिद्वार के मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने कहा, ‘अगर किसानों के आधारकार्ड से उनके मोबाइल नंबर लिंक नही हैं, तो वे बायोमेट्रिक मशीन पर अंगुलियों की छाप से भी ई-केवाईसी करा सकते हैं। लेकिन बायोमेट्रिक सत्यापन की सुविधा सिर्फ जनसेवा केंद्रों पर ही उपलब्ध है।’

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