तुर्की ने चीन पर लगाया ये आरोप, पढ़े पूरी ख़बर

उइगर मुसलमानों के मुद्दे पर चीन और तुर्की फिर से आमने सामने आ गए हैं। ताजा विवाद तब बढ़ गया, जब चीन ने तुर्की के राजदूत को शिनझियांग प्रांत का दौरा करने से मना कर दिया। आरोप है कि चीन ने शिनझियांग प्रांत में कई डिटेंशन सेंटर बना रखे हैं, जहां उइगर मुसलमानों पर जुल्म ढाया जाता है।

पश्चिमी मीडिया दावा करता रहा है कि चीन शिनझियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार करता है। और इसी वजह से जब तुर्की के राजदूत ने वहां जाकर उइगर मुसलमानों की स्थिति जाननी चाही तो चीन ने तुर्की के राजदूत को वहां जाने देने की इजाजत नहीं दी। इससे तुर्की के विदेश मंत्री ने नाराज होकर अंकारा में 31 दिसंबर को प्रेस कॉन्फ्रेन्स किया और चीनी रवैये की आलोचना की।

तुर्की के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया है कि तुर्की के राजदूत के अलावा चीन ने तुर्की के एक प्रतिनिधिमंडल को भी शिनझियांग प्रांत नहीं जाने दिया। तुर्की का आरोप है कि ऐसा कर चीन उइगर मुसलमानों की सच्चाई दुनिया से छिपाना चाहता है।

तुर्की से सटे चीन के शिनझियांग प्रांत में एक करोड़ से ज्यादा मुसलमान रहते हैं, जिनमें अधिकांशत: अल्पसंख्यक उइगर मुसलमान हैं। उइगर खुद को चीनी मूल का मानते हैं।

आरोप है कि चीनी सरकार ने कथित तौर पर 2017 से ही शरणार्थी शिविरों में एक लाख से अधिक मुसलमानों को मनमाने ढंग से हिरासत में बंद कर रखा है। जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनमें से अधिकांश उइगर मुसलमान हैं, जो मुख्य रूप से चीन के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र शिनझियांग में मुख्य रूप से तुर्क-भाषी जातीय समूह हैं। आरोप यह भी है कि इस क्षेत्र में चीन उइगरों के अन्य अधिकारों का हनन, गहन निगरानी, ​​बंधुआ मजदूरी और जबरन नसबंदी करा रहा है।

Related Articles

Back to top button
T20: भारत का क्लीन स्वीप जानिये कितने खतरनाक हैं कबूतर। शतपावली: स्वस्थ रहने का एक आसान उपाय भारतीय मौसम की ALERT कलर कोडिंग In Uttar Pradesh Call in Emergency