जहरीली हवा की चपेट में आया पंजाब, सेहत विभाग ने दी सलाह-मास्क लगाएं

स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों को सलाह दी है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें ताकि वायु प्रदूषण से बचा जा सके। बुजुर्गों, दमा व दिल के रोगियों, सांस से जुड़ी बीमारियों के लोगों को एन-95 मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य तौर पर करना चाहिए।
पंजाब अपने किसानों की लापरवाही के कारण जहरीली हवा की चपेट में आ गया है। खेतों में धान की पराली जलाने की लगातार जारी घटनाओं के कारण प्रदेश की हवा इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को फेस मास्क लगाकर घर से निकलने की सलाह दी है।

इसके साथ ही विभाग ने सुबह के समय सैर करने वाले लोगों से कहा है कि वह धूप निकलने के बाद ही सैर करने जाएं क्योंकि सुबह नमी का बढ़ा हुआ स्तर धुएं के विषाक्त कणों को समाहित कर लेता है और यह हवा फेफड़ों के लिए अत्यंत घातक है।

उम्र घटा सकता है वायु प्रदूषण
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों को सलाह दी है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें ताकि वायु प्रदूषण से बचा जा सके। बुजुर्गों, दमा व दिल के रोगियों, सांस से जुड़ी बीमारियों के लोगों को एन-95 मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य तौर पर करना चाहिए। विभाग ने वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव के लक्षणों की जानकारी देते हुए कहा है कि इससे खांसी, सांस फूलना, नाक से पानी गिरना, आंखों में खुजली या जलन और सिर भारी रहना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वायु प्रदूषण आपकी उम्र घटा सकता है।

किसानों से भी अपील
सेहत विभाग के प्रवक्ता ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों से भी अपील की है कि वह पराली न जलाएं क्योंकि इससे फैल रहा प्रदूषण उनके बुजुर्गों और बच्चों की सेहत के लिए भी हानिकारक साबित हो रहा है। पराली का धुआं मानवता के लिए खतरा बन गया है। किसान पराली जलाकर मानवता विरोधी कार्यों का हिस्सा बनने से बचें।

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