लुधियाना: घर में घुसे छह नकाबपोश, पिस्तौल दिखाकर 10 साल के बच्चे का किया अपहरण…

गुरदेव सिंह के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि फॉच्यूर्नर कार सुबह साढ़े सात बजे से इलाके में चक्कर काट रही थी। बीनस के स्कूल से आने के बाद बूटा सिंह और अन्य लोगों ने धावा बोल दिया और चंद मिनट में बीनस को अगवा करके ले गए। गुरदेव सिंह ने थाना सुधार में रपट दर्ज करवाने के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम और अन्य आपातकालीन नंबर पर फोन किए लेकिन कार को पकड़ा नहीं जा सका।

लुधियाना के गांव अकालगढ़ में फॉच्यूर्नर कार में सवार होकर आए छह हथियारबंद लोगों ने पिस्तौल दिखाकर 10 वर्षीय लड़के को अगवा कर लिया। अगवा करने वालों में एक बूटा सिंह पासला बच्चे बीनस सिंह का पिता बताया जा रहा है।

पारिवारिक कलह के चलते बीनस सिंह पिछले लगभग दो-ढाई साल से अपने नाना-नानी के साथ गांव अकालगढ़ में रह रहा था। यूनाइटेड किंगडम में रह रही बीनस सिंह की मां कुलदीप कौर पासला ने उसकी देखरेख व पढ़ाई सहित उसके तमाम रखरखाव के लिए अपने माता-पिता को पावर ऑफ अटॉर्नी दे रखी है। कुलदीप कौर और उसके माता-पिता को पहले से इस बात का आभास था कि बूटा सिंह बीनस को अगवा कर सकता है। इसके चलते उन्होंने पुलिस में शिकायत कर रखी थी।

फॉर्च्यूनर में आए थे आरोपी
बुधवार दोपहर करीब 3 बजकर 40 मिनट पर बूटा सिंह समेत 6 नकाबपोश फॉच्यूर्नर कार में सवार होकर पूर्व हवाई सेना अधिकारी और बीनस के नाना गुरदेव सिंह के अकालगढ़ स्थित घर में दाखिल हुए और पिस्तौलें तान दी। बकौल गुरदेव सिंह घर में उनकी पत्नी जसवंत कौर, बेटा अमनदीप सिंह हैप्पी और भतीजा गुरनूर सिंह मौजूद थे। बूटा सिंह के अलावा दो और लोगों के पास पिस्तौल थीं। तीन-तीन पिस्तौल देखकर सभी घबरा गए।

गुरदेव सिंह के अनुसार महज एक मिनट के अंदर बूटा सिंह पासला और अन्य अगवाकारों ने बीनस को उठा लिया और भागने लगे। घर में मौजूद सभी ने उनसे जबरदस्त मुकाबला किया। गुरदेव सिंह, उनके बेटे अमनदीप और भतीजे गुरनूर ने कार तक उनका पीछा किया और लाठी डंडों की मदद से हमला कर बीनस को उनके चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की। उन्होंने तुरंत सुधार की पुलिस के अलावा कंट्रोल रूम सहित अन्य आपात नंबर पर भी सूचित किया।

बेटी को पीटता था दामाद
पूर्व वायु सेना अधिकारी गुरदेव सिंह ने बताया कि दामाद उनकी बेटी को पीटता था, बेटी के यूके जाने के बाद दो-ढाई वर्ष से उनका दोहता उनके पास ही रह रहा था। बेटी ने पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिये बीनस की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी हुई थी।

सुबह से ही घूम रही थी फॉच्यूर्नर कार
गुरदेव सिंह के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि फॉच्यूर्नर कार सुबह साढ़े सात बजे से इलाके में चक्कर काट रही थी। बीनस के स्कूल से आने के बाद बूटा सिंह और अन्य लोगों ने धावा बोल दिया और चंद मिनट में बीनस को अगवा करके ले गए। गुरदेव सिंह ने थाना सुधार में रपट दर्ज करवाने के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम और अन्य आपातकालीन नंबर पर फोन किए लेकिन कार को पकड़ा नहीं जा सका। गुरदेव सिंह ने पंजाब सरकार और पुलिस के उच्च अधिकारियों से उनके दोहते बीनस की जिंदगी बचाने की मांग की है, गुरदेव सिंह ने आशंका जताई है कि बूटा सिंह उनकी बेटी और बीनस सिंह को जान से मार सकता है।

कार की नंबर प्लेट पर लगी थी मिट्टी
थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह ने कहा कि मामला जिला लुधियाना ग्रामीण एसएसपी नवनीत सिंह के ध्यान में लाया गया है। बूटा सिंह पासला का मोबाइल नंबर बंद होने के कारण लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई। कार का नंबर भी पता नहीं चल पाया, क्योंकि नंबर प्लेट पर मिट्टी या कुछ और लगाकर छिपाया गया था। बूटा सिंह के गांव पुलिस पार्टी भेजी गई है वो वहां नहीं मिला। मामला अगवा किए जाने का है लेकिन पारिवारिक होने के कारण जांच की जा रही है। सबसे अहम बीनस सिंह की सुरक्षा है इसलिए उच्च अधिकारियों से आदेश लेकर मामला दर्ज किया जा रहा है।

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