भारतीय शेयर मार्केट का पहली बार मार्केट कैप 4 ट्रिलियन डॉलर के पार

बिजनेस डेस्कः अडानी ग्रुप के शेयरों में आई तेजी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। भारतीय बाजार ने बुधवार को पहली बार ऐतिहासिक $4 ट्रिलियन मार्केट कैप मील का पत्थर छुआ। बीएसई लिस्टेड शेयरों का मार्केट कैप अपने ऑल-टाइम हाई लेवल 336 लाख करोड़ रुपए यानी 4.02 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई है। इसके साथ ही भारत दुनिया पांचवां सबसे मूल्यवान मार्केट बन गया है। भारत मई 2021 में तीन ट्रिलियन डॉलर के मुकाम पर पहुंचा था। दुनिया की बात करें तो इस लिस्ट में अमेरिका 48 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ पहले नंबर पर है। चीन (10.7 ट्रिलियन डॉलर) दूसरे, जापान (5.5 ट्रिलियन डॉलर) तीसरे और हॉन्ग कॉन्ग (4.7 ट्रिलियन डॉलर) चौथे नंबर पर है।

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, इस कैलेंडर वर्ष में अब तक भारत का मार्केट कैप लगभग 15 प्रतिशत बढ़ गया है, जबकि चीन के मार्केट कैप में 5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। टॉप-10 मार्केट कैप क्लब में अमेरिका एकमात्र बाजार है जो भारत की तुलना में 17 फीसदी की तेज गति से बढ़ा है। संयुक्त विश्व बाजार पूंजीकरण इस वर्ष 10 प्रतिशत बढ़कर 106 ट्रिलियन डॉलर हो गया है।

विदेशी निवेशकों ने किया भारतीय बाजार में निवेश
पिछले 20 साल में बीएसई का मार्केट कैप 33 गुना बढ़ा है। सितंबर 2003 में यह 10 लाख करोड़ रुपए था। स्मॉल एंड मिडकैप शेयरों के जबरदस्त प्रदर्शन तेजी, देश की इकॉनमी के बढ़ने और एलआईसी, पेटीएम और जोमैटो जैसी कई बड़ी कंपनियों के आईपीओ आने से भारत का मार्केट कैप बढ़ा है। इस साल इसमें करीब 46 लाख करोड़ रुपए की तेजी आई है। विदेशी और घरेलू फंड्स की खरीदारी का भी इसमें बड़ा योगदान है। मार्च 2020 के बाद से विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब दो लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है।

अडानी ग्रुप का मार्केट कैप
मंगलवार का दिन अडानी ग्रुप के निवेशकों के लिए मंगलमय रहा। अडानी ग्रुप शेयरों का ओवरऑल मार्केट कैप 1.04 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 11.29 लाख करोड़ रुपए रहा। हालांकि इंट्रा-डे में ग्रुप का मार्केट कैप 1.32 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 11.59 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया था।

भारत की जीडीपी
मैक्रो लेवल पर देखें तो भारत अभी 3.7 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनमी है। अमेरिका पहले, चीन दूसरे, जर्मनी तीसरे और जापान चौथे नंबर पर है। एसबीआई सिक्योरिटीज के सनी अग्रवाल ने कहा कि 2030 तक भारत के सात ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने का अनुमान है। मार्केट कैप भी जीडीपी के हिसाब से बढ़ेगा। जब भी जीडीपी दोगुनी होती है तो मार्केट कैप भी दोगुना हो जाता है। शेयरों की कीमत में तेजी और आईपीओ के रूप में नई लिस्टिंग से मार्केट कैप बढ़ता है। निफ्टी और सेंसेक्स के अगले पांच साल में डबल होने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button