सपा सरकार के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के लिए सलाखों से बाहर आने की राह अब हो गई बेहद मुश्किल…

सपा सरकार के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के लिए सलाखों से बाहर आने की राह अब बेहद मुश्किल हो गई है। दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद गायत्री पर कानूनी शिकंजा पूरी तरह कस चुका है। अवैध खनन की काली कमाई से अपना बड़ा साम्राज्य खड़ा करने वाले गायत्री के विरुद्ध सीबीआइ और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का घेरा भी लगातार कसता जा रहा है। यही वजह है कि गायत्री के लिए आने वाले दिन और चुनौती भरे होंगे। राठ कस्बा निवासी पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति दुष्कर्म कांड में मुख्य गवाह खासा चर्चा में रहा। दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला के पक्षद्रोही होने के बाद उस पर जहां बाइक सवार युवकों ने फायरिंग कर हमला किया था, वहीं महिला द्वारा उसके विरुद्ध हमीरपुर, चित्रकूट और लखनऊ में थानों में दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज कराए गए थे। 

21 अक्टूबर 2019 को राठ कस्बा के अतरौलिया निवासी रामसिंह राजपूत ने कोतवाली में तहरीर देकर अज्ञात बाइक सवारों पर फायरिंग कर हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब उसने बताया था कि पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के विरुद्ध लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में दर्ज दुष्कर्म मामले में वह मुख्य गवाह है। मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला पक्षद्रोही हो गई  और न्यायालय में शपथ पत्र देकर उसे भी गवाही से हटवाने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद न्यायालय ने उन्हें गवाही के लिए 25 अक्टूबर 2019 को बुलाया। उन्होंने महिला पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। अब मामले में फैसला आने पर राम सिंह ने इसे सत्य की जीत बताया। कहा कि 15 दिसंबर 2018 को बयान देने के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ गईं। हमीरपुर की राठ कोतवाली के साथ ही चित्रकूट व लखनऊ में उसके विरुद्ध दुष्कर्म जैसी घटनाओं के मामले दर्ज कराए गए, ताकि वह कोर्ट में गवाही न दे सके। मगर, हिम्मत नहीं हारी और गवाही देकर आरोपितों को सजा की दहलीज पर लाकर खड़ा किया।

Related Articles

Back to top button
T20: भारत का क्लीन स्वीप जानिये कितने खतरनाक हैं कबूतर। शतपावली: स्वस्थ रहने का एक आसान उपाय भारतीय मौसम की ALERT कलर कोडिंग In Uttar Pradesh Call in Emergency