Mutual Fund में हो रहा है नुकसान तो इसे बंद कर दें, आपको क्या करना चाहिए?

म्यूचुअल फंड में आज हर कोई निवेश करना चाहता है। क्योंकि इसमें आपको अच्छा खासा रिटर्न मिल जाता है। हालांकि ये रिटर्न पूरी तरह से शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। इसलिए ये जरूरी नहीं है कि आपको म्यूचुअल फंड में आपको हमेशा फायदा मिले।

आज मार्केट में कई अलग-अलग तरह के म्यूचुअल फंड मौजूद है। इसलिए अक्सर निवेशक कंफ्यूज रहते हैं कि कौन-से फंड में निवेश किया जाए। अगर एक फंड को चुनकर निवेश करना शुरू कर भी दी दें तो इसे प्रॉफिट तो छोड़िए निवेश रकम घटने लगती है। ऐसे में हमें क्या करना चाहिए।

नुकसान होने पर पैसे निकाल दें?
म्यूचुअल फंड में निवेश करते वक्त धैर्य बहुत जरूरी है। ये हो सकता है कि जिस फंड में आपने निवेश किया हो उसमें शुरुआत में आपको नुकसान हो रहा हो या मनचाह प्रॉफिट नहीं मिल रहा हो। क्योंकि म्यूचुअल फंड में प्रॉफिट बनने में समय लगता है। आप जितने लंबे समय तक निवेश करते हैं आपको उतना ही ज्यादा प्रॉफिट मिलने की उम्मीद भी होती है।

हालांकि म्यूचुअल फंड से कितना रिटर्न मिलेगा, ये पूरी तरह से शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। कई विशेषज्ञ ये भी सलाह देते हैं कि म्यूचुअल फंड में जब नुकसान हो रहा हो तब आप इसकी और यूनिट खरीद सकते हैं।

इसके अलावा भी म्यूचुअल फंड में निवेश करते वक्त निवेशक कई गलती करते हैं जैसे-

निवेश अमाउंट को ना बढ़ाना
एसआईपी टॉप अप के जरिए आपका निवेश अमाउंट ऑटोमेटिकली बढ़ जाता है। ये अमाउंट आप खुद से निर्धारित कर सकते हैं। इसके अलावा आप सामान्य म्यूचुअल फंड के जरिए भी अपना निवेश अमाउंट जब चाहे बढ़ा सकते हैं।

बाजार गिरने पर SIP बंद करना
आमतौर पर ये देखा जाता है कि एसआईपी निवेशक शेयर बाजार गिरने पर घबरा जाते हैं। वे ऐसी स्थिति में एसआईपी को बंद करने पर विचार करते हैं। ताकि उन्हें इससे ज्यादा नुकसान ना हो। जो कि पूरी तरह से गलत है। म्यूचुअल फंड में अगर आप मुनाफा चाहते हैं, तो लंबे समय के निवेश करें। लंबे समय में निवेश करने पर आपको मुनाफा देखने को मिलेगा।

इसके साथ ही जब शेयर बाजार में गिरावट आती है, तो ये समय और निवेश करने के लिए बेहतर माना जाता है। क्योंकि इस समय शेयर की वैल्यू कम हो जाती है या आपको शेयर कम कीमत पर मिल जाते हैं। इसलिए ये समय एसआईपी रोकने का नहीं, बल्कि निवेश करने का समय होता है।

सही फंड ना चुनना
निवेशक को अपनी जरूरत के हिसाब से फंड का चयन करना चाहिए। जैसे अगर वे ज्यादा से ज्यादा प्रॉफिट चाहते हैं, तो इक्विटी फंड में निवेश करें। ऐसी ही अगर वे कम जोखिम वाले फंड में निवेश करना चाहते हैं, तो डेट और हाइब्रिड फंड का चुनाव कर सकते हैं। इसके अलावा डिजिटल गोल्ड जैसे ईटीएफ में भी निवेश किया जा सकता है।

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