LPG किल्लत के बीच अदाणी का ये गैस स्टॉक बना रॉकेट, आई 18% की भयंकर तेजी

11 मार्च को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। इस समय सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा गिरकर 77,061.59 पर कारोबार कर रहा है तो निफ्टी 333 अंक गिरकर 23,928.20 पर है। शेयर मार्केट में आई इस भयंकर तबाही के बीच अदाणी ग्रुप का शेयर रॉकेट बना हुआ है। दरअसल, ईरान युद्ध की वजह तेल और गैस सप्लाई की आपूर्ति बाधित हो रही है। इसी वजह से गैस कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है। यही कारण है कि आज अदाणी टोटल गैस के शेयर 18 फीसदी (Adani Total Gas Share) तक भागे।

आज यानी 11 मार्च 2026 को अदाणी टोटल गैस के शेयर NSE पर 479 रुपये के स्तर पर खुले और यह 560.30 तक गए। दोपहर करीब 1 बजकर 20 मिनट पर यह 82.75 अंक यानी 17.52 % की तेजी के साथ 555.20 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

क्यों आई अदाणी टोटल गैस के शेयरों में तूफानी तेजी?
ग्लोबल LNG मार्केट में सप्लाई में रुकावट के कारण एनर्जी की कीमतें बढ़ने से बुधवार को सभी बड़ी गैस कंपनियों के शेयर में बढ़त हुई। खास एक्सपोर्टर्स से गैस की कम उपलब्धता और बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड की चिंताओं ने शुरुआती ट्रेड में शेयरों को ऊपर धकेल दिया।

अदाणी टोटल गैस लिमिटेड के शेयर प्राइस में बढ़ोतरी मिडिल ईस्ट में चल रहे झगड़े की वजह से सप्लाई में दिक्कतों की वजह से हुई है। ईरान पर हमलों और जवाबी हमलों ने ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग पर असर डाला है।

कतर ने LNG प्रोडक्शन रोका
वेस्ट एशिया में लड़ाई की वजह से कतर ने LNG प्रोडक्शन भी बंद कर दिया है। इससे भारत को गैस सप्लाई कम हो गई है। ईरान के ड्रोन हमले की चपेट में आने के बाद कतर ने दुनिया की सबसे बड़ी LNG एक्सपोर्ट फैसिलिटी में प्रोडक्शन बंद कर दिया। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40 से 50 परसेंट LNG कतर से इंपोर्ट करता है।

सरकार ने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करके घरेलू गैस की उपलब्धता को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाया और घरों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG), ट्रांसपोर्ट के लिए कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG), और LPG प्रोडक्शन जैसे खास सेक्टर को सप्लाई को प्राथमिकता दी।

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने एसेंशियल कमोडिटी एक्ट, 1955 के तहत नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर, 2026 को नोटिफाई किया है, जिसमें निर्देश दिया गया है कि इन सेक्टर्स को प्रायोरिटी एलोकेशन माना जाए और पिछले छह महीनों में उनके एवरेज कंजंप्शन का 100 परसेंट बनाए रखा जाए, जो ऑपरेशनल अवेलेबिलिटी के अधीन है।

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