पश्चिम एशिया संकट: तनाव के बीच कतर से विमानों का संचालन शुरू, भारत के लिए भी कई विमान भरेंगे उड़ान

ईरान के हमलों के बीच कतर एयरवेज 12 से 17 मार्च तक सीमित विमानों का संचालन शुरू किया है। इससे भारत समेत कई देशों के फंसे हुए यात्रियों को राहत मिलेगी।

पश्चिम एशिया में ईरान के हमलों की वजह से विमानों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। इन हमलों के कारण पश्चिम एशिया में दूसरे देशों के बहुत से नागरिक फंसे हुए हैं। इस स्थिति को देखते हुए कतर 12 मार्च से विमानों का संचालन शुरू करने जा रहा है। कतर एयरवेज ने बताया है कि दोहा से गुरुवार को कई विमान उड़ान भरेंगे। ताजा हालात के हिसाब से कतर एयरवेज 12 से 17 मार्च तक दोहा आने-जाने के लिए सीमित विमान चलाएगा।

नए शेड्यूल के अनुसार 12 मार्च को हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कुल 29 विमानों का संचालन होगा। इसमें 15 विमान रवाना होंगे और 14 विमान वहां पहुंचेंगे। दोहा से जाने वाले विमान मुख्य रूप से मुंबई, नई दिल्ली, इस्लामाबाद, न्यूयॉर्क, फ्रैंकफर्ट, बीजिंग, लंदन, काहिरा और जोहान्सबर्ग जाएंगे। वहीं सियोल, जेद्दा, नई दिल्ली, हांगकांग, मस्कट, मेलबर्न, डलास और बैंकॉक से विमान दोहा आएंगे।

भारत के लिए 13 मार्च को दोहा से कोच्चि के लिए विमान चलेगा। इसके अलावा 14 मार्च को मुंबई, 15 मार्च को दिल्ली और 16 मार्च को कोच्चि और मुंबई के लिए विमान उड़ान भरेंगे। 17 मार्च को भी कोच्चि और मुंबई के लिए दोहा से विमान रवाना होगा। वापसी में कोच्चि से 14 मार्च को, मुंबई से 15 मार्च को और नई दिल्ली से 16 मार्च को दोहा के लिए विमान उड़ान भरेंगे।

कतर एयरवेज ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद उन्हें एक सीमित रास्ता (कॉरिडोर) इस्तेमाल करने की इजाजत मिली है। एयरलाइन आने वाले दिनों में कुछ खास शेड्यूल चलाएगी ताकि फंसे हुए यात्रियों की मदद हो सके। कंपनी ने साफ किया कि यह नियमित उड़ानों की शुरुआत नहीं है। अभी विमान सेवाएं अस्थायी तौर पर रुकी हुई हैं। कंपनी यात्रियों को उनके परिवार से मिलाने की कोशिश कर रही है। कतर का एयरस्पेस सुरक्षित रूप से खुलने के बाद ही सामान्य ऑपरेशन शुरू होंगे।

कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कैबिनेट मीटिंग की। उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्रायल युद्ध के दौरान देश की ताकत बढ़ाने की अपील की। इसी बीच बहरीन के गृह मंत्रालय ने चार नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के लिए जासूसी करने का आरोप है। ये लोग जरूरी जगहों की तस्वीरें ले रहे थे। गिरफ्तार लोगों की उम्र 22 से 36 साल है, जबकि 25 साल का पांचवां व्यक्ति विदेश में फरार है। जांच में पता चला कि इन लोगों ने हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से फोटो ली और खास सॉफ्टवेयर से जानकारी ईरान भेजी।

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