शरीर में दिखने वाले ये 7 बदलाव हो सकते हैं टीबी का संकेत

ट्यूबरकुलोसिस यानी टीबी भारत समेत दुनिया भर में एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। अक्सर लोग इसे साधारण खांसी या कमजोरी समझकर टाल देते हैं, लेकिन यहीं अनदेखी आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकती है।
टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक इन्फेक्शन है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है। समय पर पहचान ही इस बीमारी के इलाज को आसान और सफल बनाने का का सबसे असरदार तरीका है। आइए जानते हैं टीबी के उन शुरुआती लक्षणों के बारे में जिन्हें आपको कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
लगातार खांसी
टीबी का सबसे आम और शुरुआती लक्षण है दो-तीन हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक रहने वाली खांसी। अगर आपको लंबे समय से खांसी है और सिरप या सामान्य दवाओं से ठीक नहीं हो रही, तो यह फेफड़ों की टीबी का संकेत हो सकता है।
खांसी के साथ खून या बलगम आना
जब टीबी का बैक्टीरिया फेफड़ों के टिश्यू को नुकसान पहुंचाना शुरू करता है, तो खांसी के साथ बलगम आने लगता है। कई मामलों में बलगम के साथ खून भी दिखाई दे सकता है, जो एक गंभीर चेतावनी संकेत है।
सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ
अगर आपको सांस लेते समय या खांसते समय सीने में तेज दर्द महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि इन्फेक्शन फेफड़ों की मेंमब्रेन तक पहुंच गया है।
शाम के समय बुखार और कंपकंपी
टीबी के मरीजों में अक्सर हल्का बुखार देखा जाता है, जो खासतौर से शाम या रात के समय बढ़ जाता है। इसके साथ ही मरीज को ठंड या कंपकंपी महसूस हो सकती है।
रात में पसीना आना
बिना किसी भारी काम के या ठंडे मौसम में भी अगर सोते समय पसीना आए कि कपड़े भीग जाएं, तो यह टीबी का एक लक्षण है। शरीर इन्फेक्शन से लड़ने की कोशिश में अपना तापमान बढ़ाता है, जिसके कारण रात में पसीना आता है।
तेजी से वजन कम होना और भूख न लगना
अगर आप बिना किसी डाइटिंग या जिम के अचानक अपना वजन कम होता देख रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। टीबी के बैक्टीरिया शरीर की एनर्जी सोख लेते हैं और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं, जिससे भूख कम लगती है और शरीर कमजोर होने लगता है।
थकान और कमजोरी
हर समय सुस्ती महसूस होना, बिना कुछ किए ही शरीर में एनर्जी की कमी लगना और सामान्य कामों में भी जल्दी थक जाना टीबी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
क्यों खतरनाक है देरी करना?
टीबी का बैक्टीरिया हवा के जरिए फैलता है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो यह बैक्टीरिया दूसरे व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकता है। अगर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया गया, तो इन्फेक्शन फेफड़ों से बढ़कर शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल सकता है। साथ ही, बीमारी का इलाज भी ज्यादा लंबा और मुश्किल हो सकता है।



