9 साल बाद पहुंचे और 6 बैठकें हुईं… फिर भी चीन से खाली हाथ लौटे ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप शुक्रवार को तीन दिनों के चीन दौरे के बाद अमेरिका लौट गए। उन्होंने इस यात्रा को ऐतिहासिक और सफल बताया, लेकिन 6 बैठकों के बाद भी अमेरिका-चीन के बीच किसी बड़े समझौते का औपचारिक एलान नहीं हुआ।
ट्रंप-चिनफिंग समिट में ईरान युद्ध, ताइवान, ट्रेड, टैरिफ, रेयर अर्थ मिनरल्स, एआई और चिप जैसे संवेदनशील मुद्दे छाए रहे। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों ने कई समस्याएं सुलझाई हैं और रिश्ते पहले से मजबूत हुए हैं, मगर उन्होंने कोई ठोस विवरण नहीं दिया।
9 साल बाद चीन गए थे ट्रंप
ईरान युद्ध, ट्रेड-टैरिफ तनाव और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच यह दौरा अहम माना जा रहा था। नौ साल बाद चीन गए ट्रंप के साथ 17 कारोबारियों का काफिला भी था, इसलिए बड़े व्यापारिक ऐलानों की उम्मीद थी। लेकिन, बोइंग विमान, कृषि खरीद, कर्जा सहयोग या चिप जैसे मुद्दों पर कोई एलान नहीं हुआ।
हालांकि, यात्रा के दौरान ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति चिनफिंग ने एक-दूसरे के लिए गर्मजोशी जरूर दिखाई। चीन ने रेड कार्पेट, स्टेट डिनर और झोंगनानहाई में खास मेजबानी से संबंधों में स्थिरता का संदेश दिया।
‘अरबों डॉलर अमेरिका में निवेश और 200 बोइंग विमान लेने पर राजी चीन’
चिनफिंग से मुलाकात के बाद ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कई दावे किए। उन्होंने कहा कि चिनफिंग के साथ बातचीत के बाद कई अहम मसलों पर सहमति बनी है।
ट्रंप के मुताबिक चीन 200 बोइंग जेट खरीदने और अमेरिका में सैकड़ों अरब डॉलर के निवेश करने पर राजी हुआ है। वहीं, ईरान युद्ध पर उनकी और चिनफिंग की सोच में समानता है।
ट्रंप के अनुसार दोनों नेता चाहते हैं कि युद्ध खत्म हो, हॉमुज रास्ता खुला रहे और ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर पाए।
ट्रंप ने यह भी कहा कि चिनफिंग ने ईरान युद्ध सुलझाने में मदद की इच्छा जताई है और ईरान को हथियार न देने का भरोसा भी दिया। हालांकि, इन दावों पर चीन ने कोई पुष्टि नहीं की है। चीन ने बयान में व्यापक सहयोग, स्थिरता व शांति की बात दोहराई।
जिनपिंग ने 24 सितंबर को अमेरिकी यात्रा का निमंत्रण स्वीकारा।
टैरिफ पर छूट नवंबर में खत्म होगी, इस पर भी डील नहीं हुई
बीते साल अक्टूबर में दोनों देशों ने ट्रेड वार कम करने को अस्थायी डील की थी। इसके बाद अमेरिका ने चीनी सामान पर टैरिफ बढ़ाने की योजना रोक दी। वहीं, चीन ने दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर सख्ती नरम की। इस मुद्दे पर ट्रंप दौरे में डील होने की संभवना थी पर कुछ एलान नहीं हुआ।
‘ईरानी तेल लेने वाली चीन की कंपनियों पर लगे बैन हटेंगे’
ट्रंप ने कहा कि वे ईरानी तेल खरीदने वाली चीनी कंपनियों पर लगे प्रतिबंध को हटा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस पर चिनफिंग से बात हुई और फैसला जल्द होगा। विश्लेषण कंपनी केप्लर के अनुसार 2025 में ईरान का औसत निर्यात 16.9 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। इसका 90 फीसदी चीन ने खरीदा।
‘ईरान से सीजफायर कर पाक पर एहसान किया’
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम पाकिस्तान के अनुरोध पर ‘एक एहसान’ के तौर पर किया गया। अमेरिका अब ईरान पर बमबारी नहीं करेगा। ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। वहीं, अमेरिकी हमलों से ईरान की परमाणु क्षमता प्रभावित हुई है।



