मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्राथमिकता श्रेणी में शामिल होंगे एसिड अटैक पीड़ित

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया है। राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में, अब ‘मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के अंतर्गत एसिड अटैक पीड़ितों को भी प्राथमिकता श्रेणी में शामिल किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इस संबंध में तैयार किए गए प्रस्ताव को उप मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

इस नई कल्याणकारी पहल की रूपरेखा 26 मई 2026 को उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में संपन्न हुई विभागीय समीक्षा बैठक में तय की गई थी। बैठक में दिए गए स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, ग्रामीण विकास आयुक्त द्वारा शासनादेश (प्रस्तर-2 के उप प्रस्तर-3.4) के अंतर्गत शासन को एक प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे अब आधिकारिक रूप से पारित कर दिया गया है।

विदित हो कि वर्तमान में ‘मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के तहत प्राकृतिक आपदा व कालाजार से प्रभावित परिवारों, वनटांगिया एवं मुसहर समुदाय, विशेष पिछड़ी व अनुसूचित जनजातियों के चयनित समूहों, जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) प्रभावित परिवारों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों सहित विभिन्न वंचित वर्गों को आवास आवंटन में प्राथमिकता दी जाती है। इस प्रस्तावित संशोधन के बाद अब एसिड अटैक पीड़ितों को भी इसी प्राथमिकता सूची का हिस्सा बना लिया गया है।

इस निर्णय को लेकर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गरीब, वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। डबल इंजन सरकार का मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, समूह और कमजोर तबके का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। सरकार की योजनाएं बिना किसी भेदभाव के पात्र लाभार्थियों तक पहुंचें, इसके लिए लगातार नीतिगत सुधार किए जा रहे हैं।”

उन्होंने आवास के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “आवास केवल एक भवन नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का आधार है। इसलिए सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहना पड़े।” साथ ही उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

एसिड अटैक पीड़ितों को इस योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल करने से इस अत्यंत संवेदनशील और पीड़ित वर्ग को एक सुरक्षित और सम्मानजनक पक्का आवास मिल सकेगा। सरकार के इस कदम से न केवल इन पीड़ितों की सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। यह निर्णय प्रदेश में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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