योग सप्ताह के अंतर्गत द सोल अनहत एनजीओ ने आयोजित किया आत्मसाक्षात्कार एवं सहजयोग कार्यक्रम

लखनऊ, 23 जून। राजधानी लखनऊ के विकासनगर स्थित सीमैप (CIMAP) कालोनी में आज ‘योग सप्ताह’ के अंतर्गत एक विशेष और वृहद योग सत्र का आयोजन किया गया। ‘द सोल अनहत’ (The Soul Anahat) एनजीओ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित वैज्ञानिकों, प्रशासनिक अधिकारियों व आम जनमानस को ‘सहजयोग’ के माध्यम से आत्मसाक्षात्कार तथा योग की विभिन्न क्रियाओं का सघन व व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रीमाताजी निर्मला देवी द्वारा प्रतिपादित सहज एवं प्रामाणिक पद्धति के माध्यम से कुण्डलिनी जागृति और सामूहिक योग का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना था। योग सत्र का सुचारू व अनुशासित संचालन योग प्रशिक्षु कुमारी महिमा द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित लोगों को ‘ओम’ का सस्वर उच्चारण कराते हुए शरीर के सातों प्रमुख चक्रों के जागरण, उनके महत्व व संतुलन से संबंधित योगाभ्यास कराया।

सत्र की शुरुआत ‘द सोल अनहत’ एनजीओ के अध्यक्ष श्री अनूप कुमार श्रीवास्तव के विशेष संबोधन से हुई। इंग्लैंड से एमबीए (MBA) की डिग्री प्राप्त श्री श्रीवास्तव एक उत्कृष्ट सहजयोगी होने के साथ-साथ एक अत्यंत अनुभवी पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं। वह पूर्व में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (RED) के विशेष सचिव, रायबरेली व अंबेडकरनगर के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) तथा कानपुर के एडीएम सिटी (ADM City) जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अपने संबोधन में उन्होंने संस्था द्वारा समाज हित व मानव कल्याण में किए जा रहे विभिन्न कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इनमें मुख्य रूप से पर्यावरण संरक्षण हेतु वृहद स्तर पर वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जागरूकता के लिए मेडिकल कैम्प, छात्रों के बौद्धिक विकास हेतु परीक्षा से पूर्व समय-प्रबन्धन सेमिनार, विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर योग कार्यक्रम तथा ‘द सोल अनाहत बैंड’ द्वारा दी गई प्रेरणादायक संगीत प्रस्तुतियां शामिल हैं।

आयोजक संस्था के विशेष आग्रह पर ‘सहजयोग, उत्तर प्रदेश’ की ओर से कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित श्री निषिथ गुप्ता ने उपस्थित जनों का प्रयोगात्मक मार्गदर्शन किया। श्री गुप्ता ने सहजयोग की ध्यान विधि को विस्तार से सिखाते हुए बताया कि किस प्रकार अत्यंत सरल और सहज तरीके से कुण्डलिनी शक्ति को जागृत कर आत्मसाक्षात्कार प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने लोगों को सहजयोग के अनगिनत लाभों से अवगत कराते हुए स्पष्ट किया कि इसके नियमित अभ्यास से न केवल आधुनिक जीवनशैली से उपजा मानसिक तनाव व अवसाद दूर होता है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य, आंतरिक शांति और कार्यक्षेत्र में एकाग्रता में भी अभूतपूर्व वृद्धि होती है। उन्होंने सभी से इस ध्यान पद्धति को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

सहजयोग उत्तर प्रदेश के विशेष आग्रह पर कार्यक्रम में डॉ. श्रुति शुक्ला भी उपस्थित रहीं। वे विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कई देशों में कार्य कर चुकी हैं और वर्तमान में मेक्सिको में कार्यरत हैं। कार्यक्रम के दौरान उनके द्वारा सीमैप में कार्यक्रम में प्रतिभागियों के साथ अपने विचार और अनुभव साझा किए गए, जिससे उपस्थित जन काफी लाभान्वित हुए।

इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक आयोजन में सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी सहित संस्थान के कई वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रमुख रूप से डॉ. रमेश कुमार श्रीवास्तव, डॉ. डी.एम. मणि, डॉ. पूजा खरे, डॉ. पंखुड़ी सिंह, श्री पंकज शुक्ला, श्री अनिल मौर्या, व श्री सिद्धार्थ शुक्ला के साथ-साथ कई डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों ने योगाभ्यास में सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी द्वारा कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। उन्होंने इस जनोपयोगी पहल का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि आने वाले समय में योग की अन्य गहराइयों को समझने और इसका नियमित अभ्यास करने के लिए और अधिक समय दिया जाएगा। यह कार्यक्रम स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों के शारीरिक स्वास्थ्य व मानसिक शांति के दृष्टिकोण से एक अत्यंत सकारात्मक कदम साबित हुआ है।

कार्यक्रम में श्री निषिथ गुप्ता के साथ ‘सहजयोग, उत्तर प्रदेश’ की टीम से श्री योगेश, श्रीमती संगीता खंडेलवाल और श्रीमती प्रीति जग्गी भी उपस्थित रहे। इस पूरे आयोजन की सुदृढ़ रूपरेखा व व्यवस्थाओं को सफल बनाने में ‘द सोल अनाहत’ एनजीओ के सक्रिय सदस्यों—श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव, श्रीमती पुष्पांजलि और श्री विजय कुमार—का विशेष सहयोग व सराहनीय योगदान रहा।

कार्यक्रम के अंत में योग को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

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