निलाकशिखा सिल्वा ने बचाई श्रीलंका की लाज, स्कॉटलैंड के खिलाफ टीम को हारने से बचाया

निलाकशिखा सिल्वा की 21 गेंदों पर 21 रनों की पारी ने श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम की फजीहत होने से बचा ली। अगर सिल्वा की ये पारी नहीं आती तो स्कॉटलैंड की टीम उसे हरा देती जो आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप-2026 का बड़ा उलटफेर होता।
पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड ने 20 ओवरों में छह विकेट खोकर 151 रन बनाए। इस स्कोर के सामने श्रीलंकाई टीम संघर्ष करती हुई नजर आई। उसने 18 ओवरों में 135 रनों पर ही अपने सात विकेट खो दिए थे। आखिरी ओवर में जीत के लिए उसे सात रनों की जरूरत थी जो सिल्वा और सुगंदिका कुमारी ने मिलकर बना लिए। इसी के साथ श्रीलंका ने सेमीफाइनल में जाने की उम्मीदों को जिंदा रखा है।
मिली तेज शुरुआत
श्रीलंका के खाते में शुरुआती ओवरों में तेजी से रन आ रहे थे। कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने अपने हाथ दिखाए और स्कॉटलैंड की गेंदबाजों को परेशान किया। पहले ही ओवर में उन्होंने दो चौके जमा अपने इरादे जता दिए थे। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर रचेल स्लेटर ने इमेशा दुलानी को आउट कर श्रीलंका को पहला झटका दिया। उन्होंने सिर्फ चार रन ही बनाए। छठे ओवर की दूसरी गेंद पर चमारी अट्टापट्टू को फ्रेसर ने आउट कर दिया। वह 16 गेंदों पर 33 रन ही बना सकीं।
यहां से श्रीलंका की पारी लड़खड़ाने लगी। हसिनी परेरा (23) और हर्षिता समाराविक्रमा (27) ने टीम को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकीं। स्कॉटलैंड ने लगातार विकेट लेकर श्रीलंका की परेशानी बढ़ा दी। आखिरी ओवर में श्रीलंका को जीत के लिए सात रन चाहिए थे। शुरुआती तीन गेंदों पर चार रन आए। स्लेटर ये ओवर फेंक रही थीं, लेकिन फिर उनको चोट लगी और प्रियांज चटर्जी ने बाकी ओवर पूरा किया, लेकिन वह श्रीलंका को जीत से नहीं रोक पाईं।
स्कॉटलैंड की दमदार बल्लेबाजी
इससे पहले, स्कॉटलैंड के टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका को परेशानी में डाला। सलामी बल्लेबाज डार्सी कार्टर ने 34 रनों की पारी खेली। उनकी जोड़ीदार कैथरीन फ्रेसर सिर्फ 12 रन ही बना सकीं। कैथरीन ब्रायस ने 23 रन बनाए, लेकिन सबसे ज्यादा असर सारा ब्रायस की पारी ने डाला। वह 47 रन बनाकर नाबाद रहीं।
बीच के ओवरों में श्रीलंका ने कुछ विकेट लेकर वापसी की। हालांकि, सारा के दम पर स्कॉटलैंड की टीम 150 का आंकड़ा पार करने में सफल रही।



