दिल्ली-एनसीआर की हवा का बढ़ा स्तर, 19 इलाकों में AQI 400 पार

पराली का धुआं बढ़ने से दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को हवा बेहद खराब हो गई। ज्यादातर इलाकों में सूर्य ढंका रहा और धूप नहीं खिली। प्रदूषण के नए स्तर को देखते हुए ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) का तीसरा स्तर लागू कर दिया गया है। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर में निर्माण व ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी।

आयोग की सख्ती 

राजधानी में इस सीजन में पहली बार वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर पहुंच गया। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने प्रदूषण में कमी की कोशिशों के तहत कड़े कदम उठाए। आयोग की ओर से गठित ग्रैप समिति की आपात बैठक हुई। इसमें ग्रैप के तीसरे चरण को लागू करने का फैसला किया गया। रविवार को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी बुलाई है।

वाहनों पर पाबंदी नहीं 

प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गया है। लेकिन, फिलहाल वाहनों पर पाबंदी लगती हुई नहीं दिख रही है। आयोग ने इसका निर्णय राज्य सरकारों पर छोड़ा है। आयोग द्वारा निर्देशों में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की राज्य सरकारें बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चालित वाहनों पाबंदी लगाने का फैसला ले सकती हैं। इसे अभी आवश्यक नहीं बनाया गया है।

19 इलाकों की हवा सबसे जहरीली 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शनिवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 397 रहा। यह गंभीर श्रेणी से सिर्फ चार अंक कम है। शनिवार को दिन में तीन बजे दिल्ली का समग्र सूचकांक 400 के अंक से ऊपर चला गया था। हवा की गति बढ़ने के चलते बाद में सूचकांक कुछ नीचे आया। दिल्ली के 19 इलाके शनिवार को ऐसे रहे, जहां का सूचकांक 400 से ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में रहा।

सरकार को घेरा

एलजी वीके सक्सेना ने लालबत्ती पर वाहन बंद अभियान की फाइल लौटा दी। इस पर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एलजी पर दिल्ली के लोगों की सांसों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। एलजी ने अभियान पर सवाल उठाते हुए इसपर पुनर्विचार करने को कहा है। राजनिवास के सूत्रों ने बताया कि उप राज्यपाल ने अत्यधिक प्रदूषण वाले यातायात चौराहों और अन्य स्थानों पर नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की तैनाती को अमानवीय और शोषण करने वाला कदम बताते हुए आपत्ति जताई है।

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