रोग, दोष मुक्ति और धन तथा ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए करें मां दुर्गा के इन मंत्रों का जाप

शारदीय नवरात्रि का पूजन इस साल 07 अक्टूबर से प्रारंभ हो गया है। आज नवरात्रि का तीसरा दिन है। इस दिन मां चित्रघंटा के पूजन का विधान है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों का पूजन होता है। लोग भक्ति पूर्वक नवरात्रि में व्रत और पूजन करते हैं। नवरात्रि में मां दुर्गा के दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है। जो भी भक्त नवरात्रि के नौ दिन अर्गला स्तोत्र, कीलका स्तोत्र और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं, मां दुर्गा उनके सभी दुख और संकट दूर करती हैं और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं। आज हम आपको दुर्गा सप्तशती के कुछ ऐसे मंत्रों के बारे में बता रहे हैं जिनके जाप से आप रोग, दोष मुक्ति और धन तथा ऐश्वर्य की प्राप्ति कर सकते हैं।

1 – आरोग्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति के लिए मंत्र

देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।

2- धन और लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए

या देवी सर्वभूतेषू लक्ष्मीरूपेण संस्थिता

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:

3- रोजगार के लिए मंत्र

शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे

सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोस्तु

4- कल्याण प्राप्ति के लिए मंत्र

सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।

शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोस्तु ते।।

5- रक्षा के लिए मंत्र

शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके।

घण्टास्वनेन न: पाहि चापज्यानि:स्वनेन च।।

6- रोग नाश के लिए मंत्र

रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्।

त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति।।

7- विपत्ति नाश और शुभता के लिए मंत्र

करोतु सा न: शुभहेतुरीश्वरी

शुभानि भद्राण्यभिहन्तु चापद:।

8- शक्ति प्राप्ति के लिए मंत्र

सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि।

गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोस्तु ते।।

9- विश्व कल्याण के लिए मंत्र

विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं, विश्वात्मिका धारयसी विश्वम्।

विश्वेशवन्द्या भवती भवन, विश्वाश्रया ये त्वयि भक्ति नम्रा:॥

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