पश्चिम बंगाल के इस मामले की जांच करेगा कैग, पढ़े पूरी ख़बर

पीएम पोषण स्कीम के तहत बंगाल में स्कूली बच्चों को मिलने वाले दोपहर के भोजन में गड़बडी मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय अब कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) से आडिट कराएगा। लंबे समय से राज्य में पीएम पोषण स्कीम के अमल में गड़बडि़यों की शिकायतों के आधार पर मंत्रालय ने कैग से राज्य में पिछले तीन वित्तीय वर्ष के दौरान इस स्कीम के क्रियान्वयन का आडिट करने का अनुरोध किया है। खास बात यह है कि मंत्रालय की ओर से इस संबंध में कराई जाने वाली जांच को लेकर राज्य सरकार लगातार असहयोग कर रही है।

रिपोर्ट पर कार्रवाई का आश्वासन

शिक्षा मंत्रालय ने इससे पहले स्कीम के नियमों के तहत ज्वाइंट रिव्यू मिशन (जेआरएम) का गठन किया था, जिसमें केंद्र और राज्य के अधिकारियों के साथ ही बड़े पैमाने पर स्वतंत्र विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की थी। मंत्रालय ने इस बीच कैग से किए गए अनुरोध में कहा है वह अपने अधिकारों की इस्तेमाल करते हुए आडिट में पीएम पोषण के क्रियान्वयन और वित्तीय लेखा परीक्षण को भी शामिल करें। कैग को भरोसा भी दिलाया है कि जो आडिट रिपोर्ट दी जाएगी, उस पर जरूरी कार्रवाई भी होगी।

करोड़ो बच्चों को मिल रहा है फायदा

गौरतलब है कि शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग पीएम पोषण योजना को संचालित करता है। इसके तहत बालवाटिका सहित पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले बच्चों को पका हुआ भोजन दिया जाता है। सभी राज्यों के प्रस्तावों के आधार पर केंद्र उन्हें वित्तीय मदद मुहैया कराता है। मौजूदा समय में पीएम पोषण स्कीम के तहत देश भर के 11.20 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 11.80 करोड़ बच्चों को लाभ मिल रहा है।

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