आएये जानें यूट्यूब के सीईओ नील मोहन से जुड़ी कुछ ख़ास बातें…

नौ सालों तक यूट्यूब के सीईओ का पदभार संभलने के बाद सुसान वोजसिकी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब इस पद को भारतीय-मूल के अमेरिकी नील मोहन होंगे। सुसान ने एक पत्र लिखकर अपने इस्तीफे का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वे अपने जीवन का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही है। वे अपनी फैमिली, हेल्थ और पर्सनल प्रोजेक्ट को लेकर नया काम शुरू करेंगी।

कौन हैं Neal Mohan?

नील मोहन के लिंकडिन प्रोफाइल के मुताबिक, इन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इलैक्ट्रिकल इंजिनियरिंग से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद इनके करियर की शुरुआत ग्लोरफाइड टेक्निकल सपोर्ट से हुई थी। यहां उनको 60,000 डॉलर वेतन मिलता था। साल 2008 में गूगल ने डबलक्लिक का अधिग्रहण कर लिया, जिसके बाद नील गूगल में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने करीब ढाई साल वाइस प्रेसिडेंट बिजनेस ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभाली।

2015 में जुड़ा यूट्यूब से नाता

साल 2015 से यह यूट्यूब के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर का पद संभाल रहे थे। यूट्यूब में शामिल होने के बाद नील मोहन वोज्सकी के शीर्ष डिप्टी रहे हैं। नील के पास माइक्रोसॉफ्ट में काम का भी अनुभव है।  नील को शुरू से ही सुसान के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था। इन्होंने अपने शुरुआती दिनों से ही अपनी लीडरशीप क्वालिटी के बनाकर रखा। यहां तक कि सुसान भी इनके वर्क क्वालिटी और एक्सपीरियंस से काफी प्रभावित थीं। आपको बता दें, नील मोहन ऐसे पहले कर्मचारी हैं, जिन्हें प्रमोशन के बाद सीईओ का पद दिया मिला है।

नील मोहन ने किया ट्वीट

नील मोहन ने इस पद को संभालने का जिम्मा उठाते हुए कहा कि वह इस मिशन को जारी रखने के लिए काफी उत्साहित हैं और नए भविष्य की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने अपने अकाउंट से ट्वीट करते हुए कहा, ”धन्यवाद, सुसान वोजिकी, वर्षों से आपके साथ काम करना अद्भुत रहा है। आपने यूट्यूब को रचनाकारों और दर्शकों के लिए एक असाधारण घर बना दिया है। मैं इस महत्वपूर्ण मिशन को जारी रखने के लिए उत्साहित हूं, देखते हैं आगे क्या होता है।”

निजी कारणों से छोड़ा पद

सुसान वोजसिकी ने नौ सालों तक यूट्यूब के सीईओ का पद संभाला था। एक लंबे सफर के बाद उन्होंने अपना पद छोड़ दिया है। जानकारी के मुतबिक, सुसान ने अपने परिवार और स्वास्थ्य के कारण इस्तीफा दिया। वो अपना ज्यादा समय अब अपने परिवार के साथ बिताना चाहती थीं। इन्होंने साल 2014 में यूट्यूब के सीईओ का पदभार संभाला था।

आपको बता दें, सुसान ने एक गैराज से इस कंपनी की शुरुआत की थी और आज ये दुनिया का सबसे बड़ा वीडियो स्ट्रीमिंग एप बन गया है। आपको बता दें, अपने ट्रांजिशन पीरियड के दौरान भी सुसान कंपनी में बनी रहेंगी। सुसान अभी गूगल और अल्फाबेट में बतौर सलाहकार काम करेंगी।

बढ़ रहा भारतीयों का दबदबा

नील भारतीय-अमेरिकी अधिकारियों के बढ़ते क्लब में शामिल होंगे, जो दुनिया के कुछ सबसे बड़े टेक दिग्गजों के शीर्ष पर हैं। वह माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला, एडोब के सीईओ शांतनु नारायण और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई सहित यूएस-आधारित वैश्विक दिग्गजों के शीर्ष पर भारतीय मूल के सीईओ की सूची में शामिल होंगे।

Related Articles

Back to top button
T20: भारत का क्लीन स्वीप जानिये कितने खतरनाक हैं कबूतर। शतपावली: स्वस्थ रहने का एक आसान उपाय भारतीय मौसम की ALERT कलर कोडिंग In Uttar Pradesh Call in Emergency