क्या सच में पीरियड्स में पेन किलर खाने से प्रेग्नेंसी में आती है दिक्कत? 

पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को पीरियड क्रैम्प्स होते हैं। कुछ महिलाओं के लिए यह दर्द हल्का-फुल्का होता है, जबकि कुछ के लिए यह इतना गंभीर हो जाता है कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। 

ऐसे में कई महिलाएं पीरियड क्रैम्प्स से राहत पाने के लिए पेन किलर्स लेती है, लेकिन इन दवाओं को लेकर काफी बातें सुनने को मिलती हैं। कई लोगों का मानना है कि पीरियड्स में पेन किलर नहीं लेना चाहिए या इससे फर्टिलिटी कम हो जाती है और भी तमाम तरह की बातें अक्सर सुनने को मिल जाती हैं। इसलिए चलिए आज एक्सपर्ट से जानते हैं कि क्या सचमुच पीरियड्स में पेन किलर लेना सेफ है या नहीं। 

क्यों होता है पीरियड्स में दर्द?

सोशल मीडिया पर डॉ. क्यूटेरस के नाम से मशहूर डॉ. तान्या नरेंद्र बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द यूटेरस में होने वाले कॉन्ट्रैक्शन के कारण होता है। 

दरअसल, हर महीने प्रेग्नेंसी की तैयारी में यूटेरस के अंदर एक लाइनिंग बनती है। जब प्रेग्नेंसी नहीं होती, तो यूटेरस इस परत को बाहर निकालने के लिए सिकुड़ता है। इस कॉन्ट्रैक्शन को ट्रिगर करने के लिए बॉडी प्रोस्टाग्लैंडिंस केमिकल्स रिलीज करती है। पीरियड शुरू होने के ठीक पहले शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिंस का स्तर बढ़ जाता है। जिस महिला के शरीर में इसका स्तर जितना ज्यादा होता है, उसे उतना ही तेज दर्द महसूस होता है।

पीरियड पेन की एक वजह यह भी है कि जब यूटेरस सिकुड़ता है, तो ऑक्सीजन सप्लाई कुछ समय के लिए रुक या कम हो जाती है। ऑक्सीजन की इसी कमी के कारण भी क्रैम्प्स होते हैं।

क्या पीरियड में पेन किलर लेना सुरक्षित है?
डॉ. तान्या बताती हैं कि पीरियड पेन से राहत पाने के लिए पेन किलर लेना बिल्कुल सुरक्षित है। इन दवाओं से किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता। पीरियड क्रैम्प्स के लिए पेन किलर दवाओं में इबुप्रोफेन या मेफेनेमिक एसिड का इस्तेमाल किया जाता है।

ये दवाएं शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिंस के प्रोडक्शन को कम कर देती हैं। जब प्रोस्टाग्लैंडिंस कम बनते हैं, तो यूटेरस का कॉन्ट्रेक्शन कम हो जाता है, जिससे दर्द में तुरंत आराम मिलता है। इसके अलावा, ये दवाएं पीरियड के दौरान होने वाली हैवी ब्लीडिंग को भी कुछ हद तक कम करने में मदद करती हैं।

पेन किलर्स से जुड़े भ्रम
कई लोग मानते हैं कि पेन किलर लेने खराब हो जाता है या आगे चलकर मां बनने में दिक्कत आती है, लेकिन ये सिर्फ मिथक हैं। पीरियड में ली जाने वाली पेन किलर्स का महिला के यूटेरस या फर्टिलिटी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। ये दवाएं सिर्फ कुछ घंटों के लिए दर्द के सिग्नल और सूजन को रोकती हैं।

हालांकि ये दवाएं सुरक्षित हैं, लेकिन इन्हें खाली पेट लेने से बचना चाहिए और हमेशा डॉक्टर की सलाह पर सही खुराक ही लें। अगर आपका दर्द इतना ज्यादा है कि दवा से भी ठीक नहीं हो रहा, तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए, क्योंकि इस तरह का दर्द नॉर्मल नहीं है।

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