भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा विवाद एक बार फिर गरमा गया है। बांग्लादेश ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में भारत द्वारा अपने नागरिकों को जबरन बांग्लादेश की सीमा में धकेलने के कम से कम 10 प्रयासों को विफल कर दिया है।

चार हजार किलोमीटर से अधिक लंबी और जटिल भौगोलिक परिस्थितियों वाली इस अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मुस्तैदी बढ़ाते हुए ‘बार्डर गार्ड बांग्लादेश’ (बीजीबी) ने कहा है कि किसी भी अवैध घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसने दावा किया कि हाल ही में झिनाइदाह जिले में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा 30-35 लोगों को वैन में लाकर सीमा पार कराने की कोशिश को नाकाम कर दिया गया। राजनीतिक उथल-पुथल और राजनयिक गतिरोध 2024 में भारत-समर्थक नेता शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की कोशिशें चल रही थीं, लेकिन इस घटना ने उन पर पानी फेर दिया है।

भारत के सीमावर्ती राज्यों (त्रिपुरा, बंगाल और असम) में सत्तारूढ़ भाजपा ने घुसपैठियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया हुआ है। हालांकि, ढाका का कहना है कि किसी भी नागरिक की वापसी उचित कानूनी और राजनयिक प्रक्रियाओं के जरिये होनी चाहिए, न कि जबरन।

इस संवेदनशील मुद्दे पर 8 से 11 जून के बीच नई दिल्ली में दोनों देशों के महानिदेशक स्तर की बैठक होने वाली है, जहां इस पर तीखी चर्चा की उम्मीद है। बांग्लादेश की राजनीति में हलचल: सेलीना रिहा इस सीमाई तनाव के बीच, बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति से भी एक बड़ी खबर आई है।

अवामी लीग की दिग्गज नेता और नारायणगंज सिटी कारपोरेशन की पूर्व मेयर सेलीना हयात को बुधवार रात काशिमपुर जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया। पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार हुईं सेलीना की रिहाई पूर्व स्पीकर शिरीन शार्मिन चौधरी के बाद अवामी लीग के किसी बड़े नेता को मिली दूसरी बड़ी राहत है।

इसी बीच, ‘इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप’ (आइसीजी) ने सरकार से अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है, जिससे देश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। 

Related Articles

Back to top button
T20: भारत का क्लीन स्वीप जानिये कितने खतरनाक हैं कबूतर। शतपावली: स्वस्थ रहने का एक आसान उपाय भारतीय मौसम की ALERT कलर कोडिंग In Uttar Pradesh Call in Emergency