बारिश के बाद यमुनोत्री हाईवे पर मलबा पत्थर आने से रास्ता बंद

बारिश के बाद यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। सड़क पर पत्थर और मलबा पसरा हुआ है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
यमुना घाटी में लगातार हो रही बारिश से परेशानी खड़ी हो गई है। यमुनोत्री हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन के कारण सड़क पर पत्थर और मलबा आ रहा है। जिसके चलते रास्ता बंद हो गया है। स्यानाचट्टी और हनुमान चट्टी के बीच सड़क पर कटाव भी हो रहा है। जिससे स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालन बंद
प्रदेश में मौसम बिगड़ने से कई मार्ग बोल्डर व मलबा गिरने से बाधित रहे। इनमें केदारनाथ पैदल मार्ग भी है, फिलहाल पैदल यात्री संकरे मार्ग से आ-जा रहे हैं लेकिन घोड़ा-खच्चर संचालन पर रोक लगी है। चमोली में चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाले ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी मलबा गिरने से कुछ घंटे बाधित रहा।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। चीरबासा के निकट पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण घोड़ा-खच्चर संचालन शुक्रवार सुबह से बंद कर दिया गया था जो शनिवार शाम तक जारी रहा। तीर्थयात्री जोखिम के बीच एक-दूसरे का हाथ पकड़कर संकरे मार्ग से आवाजाही कर रहे है।
चमोली जिले में चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक दरककर हाईवे पर आ गिरा। इससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। इसके अलावा भी राज्य के तमाम मार्ग मलबा आने से बाधित रहे। उन्हें सुचारू करने में टीम जुटी हुई हैं।



