पेट दर्द और दस्त को न समझें आम! केरलम में फैले ‘शिगेलोसिस’ के हो सकते हैं संकेत

हाल ही में, केरलम में शिगेलोसिस (Shigellosis) नामक बीमारी के मामले बढ़ते जा रहे हैं, इसके ज्यादातर मामले कोझिकोड, मलप्पुरम, वायनाड, अलप्पुझा में देखे गए। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर यह शिगेलोसिस बीमारी है क्या, इसके फैलने की वजहें कौन-कौन सी हैं और इससे बचाव के लिए कौन से तरीके अपनाए जा सकते हैं। 

क्या है शिगेलोसिस? 

शिगेलोसिस एक तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन है जो शिगेला नामक बैक्टीरिया की वजह से फैलता है। इस संक्रमण से तीव्र दस्त लगते हैं जिसे एक्यूट डायरिया कहा जाता है। वहीं, इस इंफेक्शन से आंतों पर सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है। जान लेने वाली बात यह है कि मनुष्य ही इस बैक्टीरिया का प्रकृति स्त्रोत है और वहीं इसे इसके फैलने की अधिक संभावना है पर इसके फैलने के और भी कई कारण हैं। 

शिगेलोसिस कैसे फैलता है? 

शिगेलोसिस इंफेक्शन के फैलने की मुख्य वजह दूषित पानी या भोजन है। इसका सीधा सा मतलब यही निकलता है कि अपने आसपास साफ-सफाई न रखना और हाथ न धोने की गंदी आदत से इसकी चपेट में आया जा सकता है। इसके अलावा, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से या यौन संपर्क से भी यह इंफेक्शन हो सकता है। 

किन लोगों को है शिगेलोसिस संक्रमण से ज्यादा खतरा
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग

5 साल से कम उम्र के बच्चे

बुजुर्ग व्यक्ति

कुपोषित व्यक्ति

शिगेलोसिस के लक्षण
पेट में दर्द और ऐंठन

बुखार

उल्टी

दस्त

बार-बार शौच की इच्छा

नोट : इसके लक्षणों के कॉम्बिनेशन को बैसिलरी पेचिश (bacillary dysentery) कहते हैं।

शिगेलोसिस से बचाव के तरीके
शिगेलोसिस से बचाव के लिए अपनी रोजमर्रा की खराब आदतों को बदलना होगा जो यहां बताई जा रही हैं:

खाना बनाते समय और उसके बाद अपने हाथ कम से कम 20 सेकंड तक अच्छे से धोएं।

शौच के बाद और छोटे बच्चों का डायपर बदलने के बाद भी हाथ अच्छे से धोएं।

पानी की क्वालिटी का खास ध्यान रखें, सुरक्षा के लिए पानी उबाल कर सेवन करें।

फल और सब्जियों के सेवन से पहले उन्हें ठीक तरह से बहते पानी में धोना जरूरी है।

अगर आप इस संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं तो अपनी सफाई का खास ध्यान रखें।

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