सावधान! डायबिटीज और मोटापे की दवाइयां कहीं छीन न लें आपके बाल

खराब लाइफस्टाइल के चलते डायबिटीज और बढ़ता मोटापा एक बड़ा रूप लेता जा रहा है। जहां एक तरफ डायबिटीज कंट्रोल में रखने के लिए दवा लेना जरूरी है तो वहीं मोटापा कम करने के लिए भी अब लोग एक्सरसाइज पर भरोसा करने के बजाय दवाओं का सेवन बढ़ा रहे हैं। इसे लेकर हाल ही में एक स्टडी सामने आई है जो कहती है कि डायबिटीज और मोटापे की दवाइयां भले ही सेहत को फायदा दे रही हों लेकिन इससे बालों पर बुरा असर पड़ रहा है। 

डायबिटीज और मोटापा कम करने की दवा का बालों पर दुष्प्रभाव 

यह अध्ययन कहता है कि डायबिटीज और मोटापा कम करने के लिए के उपचार में प्रयोग होने वाली दवाओं का दुष्प्रभाव बालों पर पड़ सकता है। शोध से पता चला है कि आजेंपिक- जैसे जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट दवाओं, खासकर सेमाग्लूटाइड और टिरजेपेटाइड से बालों की ग्रोथ इतनी प्रभावित हो सकती है कि गंजेपन तक की नौबत सामने आ सकती है। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान पाया कि जीएलपी-1आरए लेने वालों में एसजीएलटी-2 इनहिबिटर लेने वालों की तुलना में गंजापन विकसित होने की आशंका 37% अधिक थी, जबकि डीपीपी-4 इनहिबिटर लेने वालों की तुलना में इसका जोखिम 68% अधिक था। 

सेमाग्लूटाइड की टाइप-2 डायबिटीज और मोटापा कम करने में भूमिका 

इन्हीं में से एक दवा है सेमाग्लूटाइड जिसका उपयोग मुख्य रूप से टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित करने और मोटापे या अधिक वजन वाले लोगों में वजन घटाने के लिए किया जाता है। इसके काम करने के तरीके की बात करें तो इसका संबंध जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट नामक दवाओं के समूह से है, जो शरीर में प्राकृतिक हार्मोन की नकल करके भूख को कम करने का काम करती है और इंसुलिन का स्तर बढ़ाती है। 

डीपीपी-4 एंजाइम को रोकने का करती है काम 

डीपीपी-4 इनहिबिटर एक अन्य वर्ग की दवा हैं जो डीपीपी-4 एंजाइम को अवरुद्ध करती हैं और इंसुलिन रिलीज को उत्तेजित करती हैं। इस तरह ये सभी दवाएं डायबिटीज के उपचार के रूप में निर्धारित की जाती हैं। अध्ययन के लिए जनवरी 2019 से सितंबर 2024 के बीच जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट का उपयोग करने वालों की तुलना 15,221 एसजीएलटी-2 इनहिबिटर उपयोगकर्ताओं से की गई। जिसके बाद शोध में यह जानकारी निकलकर सामने आई कि कैसे ये दवाएं हेयर हेल्थ को नुकसान पहुंचा रही हैं। 

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