केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के निर्देश पर अब एम्स में अल्ट्रासाउंड के लिए नहीं मिलेगी लंबी तारीख, ओपीडी में इलाज के दिन ही होगी जांच

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के निर्देश पर अब एम्स में अल्ट्रासाउंड जांच की वेटिंग भी खत्म कर दी गई है। इसलिए ओपीडी में इलाज कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर उसी दिन अल्ट्रासाउंड जांच हो सकेगी। इस बाबत एम्स प्रशासन ने शनिवार को आदेश जारी कर दिया। इसलिए अल्ट्रासाउंड जांच के लिए अब मरीजों को कई महीनों तक इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
मिलती थी छह महीने की तारीख
उल्लेखनीय है कि एम्स में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लंबी वेटिंग थी। ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए छह माह बाद तक की तारीख दी जाती थी। इस वजह से मरीजों को इलाज में परेशानी का सामना करना पड़ता था। मरीज बाहर निजी लैब में जांच कराने को मजबूर होते थे।
एक्स-रे में थी तीन महीने की वेटिंग
इसी तरह एक्सरे जांच के लिए भी तीन माह तक की वेटिंग थी। इसके अलावा ब्लड जांच के लिए भी मरीजों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के लिए डाक्टरों की एक कमेटी गठित की थी। इस कमेटी की सिफारिश पर कुछ माह पहले ही ब्लड व एक्सरे जांच के लिए समय बढ़ा दिया गया था। इसलिए ब्लड जांच व एक्सरे जांच की वेटिंग खत्म हो गई है। इसी क्रम में अब अल्ट्रासाउंड जांच की वेटिंग भी खत्म कर दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में उठा था मामला
पिछले बुधवार को ही स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स के सभी विभागों के विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की थी। जिसमें अल्ट्रासाउंड जांच की वेटिंग खत्म करने पर चर्चा हुई थी। इसके बाद अब एम्स प्रशासन ने यह तय किया है कि गंभीर, बुजुर्ग, दिव्यांग व जिन मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच अत्यंत जरूरी होगी उन्हें ओपीडी में डाक्टर के देखने के बाद उसी दिन रेडियोलाजी विभाग के डाक्टर अल्ट्रासाउंड जांच करेंगे और रिपोर्ट भी तुरंत मिल जाएगी। इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए 35 मरीजों का स्लाट निर्धारित किया गया है। डाप्लर अल्ट्रासाउंड व जिन मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए खाली पेट होना जरूरी होगा उनकी जांच ओपीडी में इलाज के दिन नहीं हो पाएगी। ऐसे मरीजों की जांच एक सप्ताह के भीतर की जाएगी।




