जम्मू: नियंत्रण रेखा पर बारूदी सुरंग में धमाका, सेना के तीन जवान घायल…

दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सैन्य अस्पताल राजोरी रेफर कर दिया गया है। एक का मेंढर में ही इलाज चल रहा है। घायलों की पहचान सेना की 15 राज राइफल के हवलदार श्रीरामूला, सिपाही विमल राज और हवलदार वीर बरोप्पा के रूप में हुई है।

मेंढर के मानकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर बारूदी सुरंग फटने से तीन जवान घायल हो गए। दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सैन्य अस्पताल राजोरी रेफर कर दिया गया है। एक का मेंढर में ही इलाज चल रहा है। घायलों की पहचान सेना की 15 राज राइफल के हवलदार श्रीरामूला, सिपाही विमल राज और हवलदार वीर बरोप्पा के रूप में हुई है।

सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह मनकोट तहसील में नियंत्रण रेखा पर अग्रिम क्षेत्र फगवाड़ी गली में गश्त के दौरान बारूदी सुरंग में धमाका हो गया। चपेट में आने से तीन जवान गंभीर घायल हो गए। धमाके की आवाज पर अन्य जवानों ने तत्काल सभी को निकटवर्ती सैन्य शिविर में पहुंचाया और प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को सेना के 150 फील्ड अस्पताल राजोरी रेफर कर दिया गया।

गौरतलब है कि नियंत्रण रेखा पर दुश्मन की घुसपैठ रोकने के लिए बिछाई गई बारूदी सुरंगें कई बार बारिश से बहकर अपने स्थान से आगे-पीछे हो जाती हैं। इनकी जानकारी न होने के कारण इस प्रकार के हादसे पेश आ जाते हैं। इनकी चपेट में आने से कई बार ग्रामीण और मवेशी भी घायल हो जाते हैं।

कारगिल में मिला तोप का गोला, सुरक्षाबलों ने किया निष्क्रिय

सेना ने बुधवार को लद्दाख के कारगिल में बिना फटे तोप के गोले को निष्क्रिय कर एक बड़ी घटना को टाल दिया। सुरक्षाबलों के अनुसार, द्रास के नागरिक प्रशासन ने उनको थ्रोंगस गांव के चस्पांग मोहल्ले में बिना फटा तोप का गोला मिलने की जानकारी दी। प्रशासन के अधिकारियों ने सेना से अनुरोध किया कि लोग डरे हुए हैं और बिना देर टीम भेजकर लोगों को राहत दी जाए। इसके बाद फॉर एवर इन ऑपरेशंस डिवीजन की एक टीम को थ्रोंगस गांव में भेजा गया। टीम के सदस्यों ने गोला दूर ले जाकर निष्क्रिय कर दिया।

बारामुला में लश्कर के चार मददगार हथियारों के साथ गिरफ्तार

कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों का आतंक पर प्रहार जारी है। बुधवार को बारामुला से पुलिस ने लश्कर-ए-ताइबा के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के चार मददगारों (ओजीडब्ल्यू) को पिस्तौल व हथगोलों के साथ गिरफ्तार किया है। ये चारों कुंजर निवासी आतंकी मुदसिर अहमद शेख के लिए काम कर रहे थे। नाराधिरी डांगरपोरा जंक्शन पर सोमवार को नाका चेकिंग के दौरान सेना ने गुलाम हसन मीर और मुख्तार अहमद खान निवासी चंदूसा को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से एक चीनी पिस्तौल, 12 गोलियां और दो हथगोले बरामद हुए। इनके खुलासे पर अल्ताफ अहमद और फारूक अहमद को गिरफ्तार किया गया। संवाद

आतंकियों को पनाह देने वालों की संपत्ति जब्त

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम के तुरीगाम में 2019 में आतंकियों को पनाह देने के आरोप में पुलिस ने संपत्ति जब्त किया है। आतंकियों से हुई मुठभेड़ में डीएसपी अमन ठाकुर सहित एक सूबेदार शहीद हुए थे वहीं, तीन आतंकी मारे गए थे। जांच में सामने आया था कि यह घर सोनाउल्लाह मीर, उसके बेटे उमर सुहैल मीर के नाम पर था। अहमद शेख, वाजिद अहमद शेख और आदिल गुलजार निवासी शुगनपोरा ओजीडब्ल्यू के रूप में आतंकवादियों के लिए काम कर रहे थे। घर के मालिक और उसके बेटे ने कुलगाम में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपने दोमंजिला घर में आतंकवादियों को आश्रय दिया और सही अन्य रसद सहायता भी प्रदान की थी।

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