म्यांमार में हजारों कैदी हुए रिहा, आजादी की 78वीं वर्षगांठ पर सैन्य सरकार का एलान

म्यांमार की सैन्य शासन ने रविवार को ब्रिटेन से देश की आजादी की 78वीं सालगिरह के मौके पर 6,100 से ज्यादा कैदियों को माफ कर दिया है। इसके साथ ही अन्य कैदियों की सजा में भी कटौती की गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रिहा किए गए लोगों में सैन्य शासन का विरोध करने के लिए जेल में बंद हजारों राजनीतिक कैदी शामिल हैं या नहीं।

6,134 कैदी हुए रिहा
यह माफी ऐसे समय में दी गई है जब सैन्य सरकार एक महीने लंबी चुनाव प्रक्रिया चला रही है। आलोचकों का मानना है कि यह कवायद मौजूदा स्थिति को वैधता देने का महज एक दिखावा है। सरकारी टेलीविजन ‘एमआरटीवी’ के अनुसार, सैन्य सरकार के प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन आंग हलिंग ने कुल 6,134 कैदियों को माफी दी है।

52 विदेशी नागरिक भी होंगे रिहा
एक अन्य बयान में बताया गया कि 52 विदेशी नागरिकों को भी रिहा करके स्वदेश भेजा जाएगा। रिहा किए गए लोगों की कोई विस्तृत सूची उपलब्ध नहीं है। बताया जा रहा गंभीर अपराधों जैसे हत्या और दुष्कर्म के दोषियों या सुरक्षा कानूनों के तहत सजा काट रहे लोगों को छोड़कर अन्य कैदियों की सजा कम कर दी गई है। रिहाई की शर्तों में चेतावनी दी गई है कि अगर मुक्त किए गए कैदी दोबारा कानून तोड़ते हैं, तो उन्हें नई सजा के साथ-साथ अपनी पुरानी सजा की बची हुई अवधि भी काटनी होगी।

कैदियों की रिहाई आम बात
बता दें कि म्यांमार में छुट्टियों और अन्य महत्वपूर्ण मौकों पर कैदियों की रिहाई आम बात है। इस खबर के सामने आने के बाद यांगून की इनसेन जेल के बाहर कैदियों के परिजन सुबह से ही जमा हो गए थे। हालांकि, इस बात का कोई संकेत नहीं मिला कि रिहा होने वालों में पूर्व नेता आंग सान सू की शामिल हैं। उन्हें 2021 के तख्तापलट के बाद से ही अलग-थलग रखा गया है।

एक स्वतंत्र संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, आंग सान सू की सहित 22,000 से अधिक राजनीतिक बंदी अभी भी हिरासत में हैं। बता दें कि म्यांमार को 4 जनवरी, 1948 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। इस अवसर पर राजधानी नेप्यीडॉ के सिटी हॉल में ध्वजारोहण समारोह के साथ वर्षगांठ मनाई गई।

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