शनिवार महा-उपाय: आज की गई ये एक छोटी सी पूजा, साल भर रखेगी आपको कष्टों से दूर

हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। अगर शनि देव प्रसन्न हों, तो व्यक्ति रंक से राजा बन सकता है, लेकिन उनकी टेढ़ी दृष्टि जीवन में संघर्ष बढ़ा सकती है। इस शनिवार को अगर आप कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो पूरे साल आप पर शनि देव की कृपा बनी रह सकती है।

शनिवार को करें ये उपाय
पीपल के पेड़ के पास दीपदान
शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना सबसे प्रभावशाली उपाय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल के वृक्ष में सभी देवी-देवताओं का वास होता है और शनिवार को यहां दीपक जलाने से शनि दोष (साढ़ेसाती और ढैय्या) के प्रभाव कम होते हैं। दीपक जलाते समय ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करना अधिक फलदायी होता है।

सरसों के तेल का दान और छाया दान
शनि देव को सरसों का तेल अत्यंत प्रिय है। आज के दिन सरसों के तेल का दान करें। एक विशेष परंपरा ‘छाया दान’ की है, जिसमें एक कटोरी तेल में अपना चेहरा देखकर उसे दान किया जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह उपाय व्यक्ति की सेहत और मानसिक शांति के लिए उत्तम है।

काले पशु-पक्षियों की सेवा
शनि देव का वाहन कौआ है और उन्हें काला रंग प्रिय है। शनिवार के दिन काली गाय को रोटी खिलाना या काले कुत्तों को तेल चुपड़ी रोटी देना शुभ माना जाता है। यह उपाय न केवल कुंडली के दोषों को शांत करता है, बल्कि आपके करियर में आने वाली बाधाओं को भी दूर करने में मदद करता है।

शनि चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ
शास्त्रों में वर्णित है कि जो व्यक्ति हनुमान जी की पूजा करता है, शनि देव उसे कभी परेशान नहीं करते। शनिवार के दिन शनि चालीसा के साथ-साथ हनुमान चालीसा का पाठ करना एक रक्षा कवच की तरह काम करता है। यह उपाय आत्मविश्वास बढ़ाता है और दुर्घटनाओं से रक्षा करता है।

जरूरतमंदों की मदद और दान
शनि देव ‘कर्म फल दाता’ हैं। आज के दिन किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को काले चने, काला कंबल या जूते-चप्पल का दान करना चाहिए। मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक शोध बताते हैं कि निस्वार्थ सेवा से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कुछ विशेष सावधानियां जो आपको बरतनी चाहिए:
शनिवार के दिन लोहा, तेल या नमक खरीदने से बचना चाहिए।

किसी भी निर्दोष व्यक्ति या पशु को कष्ट न पहुंचाएं, क्योंकि शनि देव अन्याय करने वालों से नाराज हो जाते हैं।

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