इजरायली जेट विमानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान और गाजा के कई इलाकों पर किया हमला…

इजरायली जेट विमानों ने शुक्रवार को सुबह-सुबह लेबनान और गाजा के कई इलाकों पर हमला किया है। इस्लामवादी समूह हमास को लेकर इसे जवाबी कार्रवाई बताया जा रहा है। इजरायल की ओर से पुष्टि करते हुए कहा गया है कि जेट विमानों ने हमास की सुरंगों और हथियार निर्माण स्थलों सहित लक्ष्यों को निशाना बनाया, जो अवरुद्ध दक्षिणी तटीय पट्टी को नियंत्रित करता है।

बता दें कि गाजा के विभिन्न इलाकों में भू-कंपाने वाले विस्फोट हुए हैं। सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सुबह होते ही इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हमास के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके लिए रशीदियाह शरणार्थी शिविर के आसपास के निवासियों ने तीन जोरदार विस्फोटों की सूचना दी गई थी। सेना की ओर से लेबनान से 34 रॉकेट लॉन्च किए गए, जिनमें से 25 को वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा रोक दिया गया। वहीं सेना ने इसे 2006 के बाद सबसे बड़ा हमला भी बताया है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के बाद कहा, “ये इजरायल की प्रतिक्रिया है, हो सकता है कि आज की रात या फिर बाद में हम हमारे दुश्मनों से एक महत्वपूर्ण कीमत वसूल करेंगे।” आपको बता दें कि गाजा में जैसे ही इजरायली जेट विमानों ने हमला किया, जवाब में रॉकेट दागे गए और सीमावर्ती क्षेत्रों में इजरायली कस्बों और शहरों में सायरन बजने लगे, हालांकि, गंभीर हताहत की कोई खबर नहीं है।

रमजान में दोनों सीमाओं पर टकराव

दोनों सीमाओं पर टकराव उस समय देखने को मिल रहा है कि जेरूसलम के लोग रमजान की महीना मना रहे हैं। खबर ये भी है कि अल-अक्सा मस्जिद परिसर में इजरायली पुलिस के छापे पर बढ़ते टकराव के बीच सीमा पर हमले होने की संभावना है। वहीं हमास ने एक बयान में कहा, “हम ज़ायोनी कब्जे को गाजा पट्टी के खिलाफ गंभीर वृद्धि और खुले आक्रामकता के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार मानते हैं ।”

हिजबुल्लाह पर हमले को लेकर आरोप

हालांकि, इजरायल ने पहले हमले के लिए हमास को दोषी ठहराया, जो तब हुआ जब हमास के प्रमुख इस्माइल हनियाह लेबनान का दौरा कर रहे थे। सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि शक्तिशाली शिया समूह हिजबुल्लाह ने ही इसकी अनुमति दी होगी। वहीं इजरायल के सैन्य खुफिया विभाग के पूर्व प्रमुख तामीर हेमैन ने पूरे मामले पर ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने कहा, “यह हिजबुल्लाह की ओर से किया गया हमला नहीं है लेकिन इस बात पर विश्वास करना मुश्किल है कि इस बारे में उन्हें जानकारी ही नहीं थी।

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