देहरादून: देख-सुन नहीं सकते लेकिन आवाज से दिल जीत रहे एनआईईपीवीडी के दिव्यांग छात्र

रेडियो हमेशा से संचार और अभिव्यक्ति के साधन के रूप में चर्चाओं में रहा है। यही वजह है कि आधुनिक युग में मनोरंजन के विभिन्न साधन मौजूद होने के बावजूद रेडियो आज भी लोगों के दिल पर राज करता है। इस बीच राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) के दिव्यांग छात्र अपनी आवाज से लोगों का दिल जीत रहे हैं।

आज (मंगलवार) विश्व रेडियो दिवस के मौके पर हम आपको को इनकी कहानी से रूबरू करा रहे हैं। यह छात्र रोजाना चार कार्यक्रमों का प्रसारण करने के साथ साक्षात्कार व दिव्यांगों के मुद्दों पर बात करते हैं।

बीते दस साल से एनआईईपीवीडी में एनआईवीएच हेलो दून, एफएम बैंड 91.2 मेगाहर्टस आवृत्ति पर सामुदायिक रेडियो का संचालन किया जा रहा है। छात्रों के लिए आयोजित अल्पकालिक कोर्स के जरिए उन्हें रेडियो में अपना कॅरिअर बनाने के अवसर दिए जा रहे हैं। ताकि वह समाज के साथ जुड़कर रेडियो के माध्यम से अपनी आवाज लोगों तक पहुंचा सके। फिलहाल इस कोर्स में हर साल संस्थान के 50-60 प्रशिक्षणार्थी-विद्यार्थी प्रशिक्षण लेते हैं।

संस्थान दृष्टि-दिव्यांगजनों के लिए कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 91.2 एनआईवीएच हेलो दून में अल्पकालिक रेडियो जॉकी कोर्स का संचालन कर रहा है। इस कोर्स में संस्थान के ही विद्यार्थी-प्रशिक्षणार्थी को रेडियो संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कोर्स का मुख्य उद्देश्य दृष्टि-दिव्यांगजनों को रेडियो जॉकी बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है। इसमें रेडियो प्रोग्रामिंग, संचार कौशल, स्क्रिप्ट लेखन, आवाज संबंधी अभ्यास पाठ्यक्रम में शामिल है।
– मनीष वर्मा, निदेशक, एनआईईपीवीडी

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