मार्च में इस दिन मनाई जाएगी नरसिंह द्वादशी, जानें पूजा विधि और मंत्र

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को अर्थात होलिका दहन से पहले हर साल नरसिंह द्वादशी मनाई जाती है। माना जाता है कि इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने नरसिंह जी का रूप धारण किया और भगवान नरसिंह ने असुरों के राजा हिरण्यकश्यप का संघार किया था।

नरसिंह द्वादशी शुभ मुहूर्त
फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 21 मार्च को देर रात 02 बजकर 22 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं, इस तिथि का समापन 22 मार्च को प्रातः 04 बजकर 44 मिनट पर हो रहा है। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, नरसिंह द्वादशी 21 मार्च 2024, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। इस दौरान पूजा का मुहूर्त इस प्रकार रहेगा –

नरसिंह द्वादशी पूजा मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 24 से लेकर 07 बजकर 55 मिनट तक

अन्य पूजा मुहूर्त – सुबह 10 बजकर 57 से लेकर 12 बजकर 28 मिनट तक

नरसिंह द्वादशी पूजा विधि
नरसिंह द्वादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हों जाएं और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद सूर्य निकलने पर अर्ध्य देकर व्रत का संकल्प लें। पूजा घर की अच्छे से सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें। अब चौकी पर पीले रंग का वस्त्र बिछाकर भगवान नरसिम्हा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद पूजा के दौरान नरसिंह भगवान को फल, फूल, धूप-दीप, पंचमेवा, नारियल, अक्षत और पीतांबर अर्पित करें। अंत में नरसिम्हा भगवान की आरती करें और पूजा के समय शंख नाद जरूर करें।

करें इस मंत्रों का जाप
नरसिंह भगवान की विशेष कृपा प्राप्ति हेतु आप नरसिंह द्वादशी पर इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं –

आपत्ति निवारक नरसिंह मंत्र
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।

नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम्॥

नरसिंह गायत्री मंत्र

ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्ण दंष्ट्राय धीमहि | तन्नो नरसिंह प्रचोदयात ||

संपत्ति बाधा नाशक नरसिंह मंत्र

ॐ नृम मलोल नरसिंहाय पूरय-पूरय

ऋण मोचक नरसिंह मंत्र

ॐ क्रोध नरसिंहाय नृम नम:

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