हिंद महासागर में शांति के लिए साथ चलेंगे भारत-मॉरीशस

मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने पीएम मोदी से फोन पर बात की, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत-मॉरीशस संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। मोदी ने रामगुलाम को आगामी एआई प्रभाव सम्मेलन के लिए भारत आमंत्रित किया। उन्होंने पिछले साल वाराणसी में हुई मुलाकात की प्रगति की समीक्षा की और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति व स्थिरता के साझा उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। मोदी ने रामगुलाम से कहा कि वे अगले सप्ताह एआइ प्रभाव सम्मेलन के लिए भारत में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘अपने मित्र, प्रधानमंत्री डा. नवीनचंद्र रामगुलाम का फोन आने से मुझे बहुत खुशी हुई। हमने पिछले साल वाराणसी में हुई यादगार मुलाकात के बाद से भारत और मॉरीशस के बीच व्यापक सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की’।

मिलकर काम करना जारी रखेंगे
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों को जोड़ने वाले विशेष, ऐतिहासिक और जन-केंद्रित संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। भारत और मॉरीशस हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साझा उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।

मार्च में पीएम मोदी ने की थी मॉरीशस की यात्रा
मार्च 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की मॉरीशस यात्रा के बाद रामगुलाम सितंबर 2025 में भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे, जो उनके वर्तमान कार्यकाल में उनकी पहली विदेशी द्विपक्षीय यात्रा थी।

प्रधानमंत्री मोदी और उनके मॉरीशस समकक्ष ने वाराणसी में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की थी, जिसमें दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच उन्नत रणनीतिक साझेदारी की व्यापक समीक्षा की और पारस्परिक हित के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के नए अवसरों की पहचान की, जो दोनों देशों, उनकी जनता और क्षेत्र के लिए साझा समृद्धि को बढ़ावा देगा।

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