साइकिल के लिए दीवाने एम्स्टर्डम शहर में ‘फैटबाइक्स’ पर लगी रोक

 कुछ लोगों के लिए फैटबाइक्स एक तेज और स्टाइलिश ट्रांसपोर्ट का जरिया है तो किसी के लिए साइकिल ट्रैक पर मुसीबत। एम्स्टर्डम में फैटबाइक्स को लेकर इतनी शिकायतें मिलीं कि अधिकारियों ने इन पर ऐसा बैन लगाया जो पहले कभी नहीं लगा था।

बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय ये फैटबाइक्स असल में इलेक्ट्रिक बाइक्स हैं। ये देखने में छोटी मोटरसाइकिलों जैसी लगती हैं और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती हैं। इन बाइक्स को बहुत ज्यादा मोटे टायरों की वजह से फैटबाइक्स नाम मिला है।

साइकिल प्रेमी फैटबाइक्स को मानते हैं मुसीबत

अपने समतल भूभाग के लिए मशहूर नीदरलैंड्स में साइकिल रास्तों पर जगह के लिए होड़ करते हुए कई पारंपरिक साइकिल चालक फैटबाइक्स को उनकी तेज रफ्तार और बड़े आकार की वजह से एक मुसीबत मानते हैं। डच शहरों में फैटबाइक गिरोहों के तेजी से घूमने और अफरा-तफरी मचाने की शिकायतें भी आम हैं।

एम्स्टर्डम में इन फैटबाइकर्स के खिलाफ एक याचिका पर 2,400 लोगों ने दस्तखत किए हैं। इस याचिका में शिकायत की गई है कि फुटपाथ रेसट्रैक बन गए हैं। अब सार्वजनिक जगहें सुरक्षित नहीं लगतीं।

अधिकारियों ने लिया एक्शन

इसलिए शहर के अधिकारियों ने वोंडेलपार्क में इन पर रोक लगाने का फैसला किया है। यह एक बहुत व्यस्त पार्क है, जहां स्थानीय लोग और किराए की साइकिलों या रोलर स्केट्स पर आने वाले ढेरों पर्यटक आते हैं।

एम्स्टर्डम की जिस अधिकारी मेलानी वैन डेर हॉर्स्ट ने यह रोक लगाई है उन्होंने कहा, “हमें बहुत ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं। कुछ साल पहले हमें फैटबाइक्स के बारे में सिर्फ 20 के आस-पास शिकायतें मिलती थीं। अब हमारे पास 2,000 से भी ज्यादा शिकायतें हैं।”

अधिकारी ने आगे कहा कि परेशानी पैदा करने के अलावा इसमें सुरक्षा का पहलू भी है खासकर बच्चों के बीच फैटबाइक्स की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए। फैटबाइक्स की अधिकतम गति 25 किमी. प्रति घंटा होनी चाहिए लेकिन अक्सर इन्हें गैर-कानूनी तरीके से मॉडिफाई करके इनकी गति 50 से 60 किमी. प्रति घंटा तक बढ़ा दी जाती है।

छोटे बच्चे स्पीड में चला रहे फैटबाइक्स

वैन डेर हॉर्स्ट ने कहा, “जरा सोचिए एक 11 साल का बच्चा एक बड़ी, मॉडिफाई की हुई फैटबाइक पर 50 किमी. प्रति घंटे की गति से सवारी कर रहा हो। यह बेहद खतरनाक है।” उन्होंने बताया कि फैटबाइक दुर्घटनाओं के बाद कई बच्चों को चोट लगने पर अस्पताल ले जाना पड़ा है।

वोंडेलपार्क आने वाले लोगों ने आम तौर पर इस बैन का स्वागत किया। फुटबॉल कोच अलेक्जेंडर रैंकोविक ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि किसी भी चीज पर बैन लगाना चाहिए लेकिन मेरा मानना है कि उन्हें शायद एक निश्चित उम्र से कम उम्र के बच्चों पर बैन लगाकर शुरुआत करनी चाहिए थी… क्योंकि मुझे लगता है कि यही सबसे बड़ी समस्या है।”

अब लगेगा जुर्माना

अगले हफ्ते से वोंडेलपार्क में फैटबाइक चलाते हुए पकड़े जाने पर किसी पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। 12 से 15 साल के बच्चों को इसका आधा जुर्माना देना होगा। 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर जुर्माना नहीं लगेगा लेकिन उनके माता-पिता को इसकी जानकारी दी जाएगी।

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